हरियाणा में मौजूद बीरबल का छत्ता समेटे हैं आज भी कई रहस्य, सुरंग में गायब हो गई थी पूरी बारात

महेन्द्रगढ़ | हरियाणा में आज भी अनेकों ऐतिहासिक धरोहरें है जो अपने सालों के इतिहास को समेटे हुए है. इसी कड़ी में नारनौल में स्थित बीरबल का छत्ता न केवल एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है बल्कि एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में भी विख्यात है. आइए आपको बीरबल के छत्ते की कहानी और इसके रहस्यों के बारे में जानकारी देते हैं…

Birbal Ka Chatta Narnaul

मुगलकालीन वास्तुकला का अद्वितीय उदाहरण

हरियाणा और राजस्थान की सीमा पर महेन्द्रगढ़ में स्थित बीरबल का छत्ता पहले बालमुकुंद का छत्ता कहलाता था. छत्ता का मतलब घर होता है. यानि इसे बीरबल का घर कहा जा सकता है. यह स्थल मुगलकालीन वास्तुकला का एक अद्वितीय उदाहरण है, जिसमें विशाल बरामदे, सीढ़ियां और छतरियां शामिल हैं.

जलवायु नियंत्रण की अनोखी तकनीक

गर्मी के मौसम में इस छत्ते को ठंडा रखने के लिए भूमिगत कक्षों में झरनों का इंतजाम किया गया है. दक्षिण-पूर्व कोने में स्थित एक कुआं जलाशय में पानी भरने का कार्य करता है. यह जलवायु नियंत्रण की एक अनोखी तकनीक है, जो इस ऐतिहासिक स्थल को और भी खास बनाती है.

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, बीरबल का छत्ता दिल्ली, जयपुर, महेंद्रगढ़ और लोसी के बीच एक सुरंग से जुड़ा हुआ है. बताया जाता है कि एक बार कुछ लोगों का समूह इस सुरंग को देखने के लिए इसके भीतर गया था लेकिन वापस नहीं लौटा. यह सुरंग आज भी अपने अंदर रहस्य को समेटे हुए है.

यह भी पढ़े -  महेंद्रगढ़ के सरकारी स्कूल की बदली तस्वीर, निजी स्कूल जैसी बनी सुविधाएं

पूरी बारात हो गई थी गायब

बीरबल, जो अकबर के नवरत्नों में शामिल थे, अक्सर इस छत्ते में आते थे. जिसके चलते इसका नाम बीरबल का छत्ता पड़ा. यह स्थल न केवल खूबसूरत है, बल्कि इसके साथ जुड़ी कहानियाँ भी इसे रोमांचक बनाती हैं. युवाओं में इस स्थल के प्रति खासा उत्साह है, जबकि बुजुर्गों में इसके रहस्यमयी स्वरूप के कारण भय का अनुभव रहता है.

बुजुर्गो का कहना है कि बीरबल का छत्ता एक भूतिया स्थान है. यहां पर स्थित सुरंग में जाने वाले की आज तक कोई खबर नहीं मिली है. बताते है कि एक पूरी बारात भी इस सुरंग में गायब हो गई थी. इस घटना के बाद प्रशासन ने सुरंग को बंद कर दिया था.

Avatar of Ajay Sehrawat
Ajay Sehrawat
View all posts

मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.