हिसार | अगर सब कुछ सही रहा तो अप्रैल के पहले सप्ताह से हिसार एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू हो सकती हैं. नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की एक टीम इन दिनों एयरपोर्ट का निरीक्षण कर रही है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा तैयार किए गए सभी पैरामीटर की जांच की जा रही है. इनमें सुरक्षा व्यवस्था, रनवे, रनवे लाइटिंग, बाउंड्री वॉल और सेफ्टी जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं.
DGCA की छह सदस्यीय टीम इस निरीक्षण का हिस्सा है, जिसमें दो सदस्य DGCA के और चार सदस्य ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी के हैं.
लाइसेंस जारी करने से पहले होगी जांच
DGCA की टीम हिसार एयरपोर्ट का लाइसेंस जारी करने से पहले सभी मानकों की बारीकी से जांच करेगी. बता दें कि महाराजा अग्रसेन हिसार हवाई अड्डे को 7200 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान एयरपोर्ट के सभी पैरामीटर सही पाए गए हैं. अगर सभी मानकों पर एयरपोर्ट खरा उतरता है, तो DGCA जल्द ही इसे लाइसेंस जारी कर देगा.
एयरपोर्ट नाइट फ्लाइट सेवा के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है, क्योंकि एसआईएस इंस्टॉल होना बाकी है. जब तक यह सिस्टम नहीं लगाया जाता, तब तक हवाई जहाज की नाइट लैंडिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी.
इन शहरों के लिए शुरू होगी फ्लाइट सेवा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, DGCA से लाइसेंस मिलने के बाद हिसार एयरपोर्ट से चंडीगढ़, अयोध्या, अहमदाबाद, जयपुर और जम्मू के लिए फ्लाइट सेवाएं शुरू की जाएंगी. पहली फ्लाइट अयोध्या के लिए रवाना होगी. इससे पहले छह महीने पहले भी DGCA की टीम ने निरीक्षण किया था, जिसमें रनवे पर हवाई जहाज उतारकर परीक्षण किया गया था. भारतीय वायुसेना ने भी दो लड़ाकू विमानों को उतारकर एयरपोर्ट के इमरजेंसी उपयोग का ट्रायल किया था.
