यमुना एक्सप्रेसवे पर इंटरचेंज के लिए NHAI का सर्वे पूरा, जल्द शुरू होगा काम; इन इलाकों को मिलेगा फायदा

नई दिल्ली | सब कुछ सही रहा तो अगले सप्ताह से यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) को ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले इंटरचेंज का काम शुरू कर दिया जाएगा. इसके लिए भारतीय राज्य राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम ने जमीन का सर्वे भी कर लिया है. डिजाइन पूरा हो चुका, केवल कागज़ी प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.

FNG

270 करोड़ रूपए की आएगी लागत

8 लूप इंटरचेंज को इसी साल पूरा किया जाएगा. इसे 60 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जाएगा, जिस पर करीब 270 करोड़ की लागत आने का अनुमान है. अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट से 10 किलोमीटर पर जगनपुर- अफजलपुर में केजीपी को जोड़ा जाएगा. इसके लिए 60 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हुआ है.

अधिग्रहण से जिन 77 किसानों पर प्रभाव पड़ा था, उनमें से 7% आबादी भूखंड भी बांटे जा चुके हैं और 60 किसानों को अगले महीने तक भूखंड आवंटित कर दिए जाएंगे. इंटरचेंज के निर्माण में जो रुकावटें आ रही थीं, उन्हें दूर कर दिया गया है. NHAI द्वारा करीब 270 करोड रुपए की लागत से इस इंटरचेंज को बनाया जाएगा.

यह भी पढ़े -  English का इकलौता शब्द, जिसमें आते हैं 5 Vowel! अक्सर क्विज़ में पूछा जाता है सवाल

बनाए जाएंगे 8 लूप

इन्हें जोड़ने के लिए इंटरचेंज पर 11 किलोमीटर के 8 लूप बनाए जाएंगे. इनमें से 4 लूप उतरने और 4 लूप चढ़ने के लिए बनेंगे. लोगों को इंटरचेंज से उतरने और चढ़ने के लिए जाम में नहीं फंसना पड़ेगा. ऐसा अनुमान है कि इन दोनों एक्सप्रेस वे के जुड़ जाने से गाजियाबाद, हापुड़ और मेरठ के लोगों को आगरा की तरफ जाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए ग्रेटर नोएडा, परी चौक नहीं जाना होगा.

यह लोग दुहाई और डासना से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के बाद सीधे यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाएंगे. इसके अलावा, जो लोग मथुरा आगरा की ओर से आएंगे उन्हें भी पेरीफेरल पर चढ़ने के लिए 20 किलोमीटर का चक्कर नहीं लगाना होगा.

Avatar of Nisha Tanwar
Nisha Tanwar
View all posts