रेवाड़ी | दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी में आज गुर्जर समाज की महापंचायत बुलाई गई थी. बखापुर गांव के देवनारायण मंदिर में हुई इस महापंचायत में गुर्जर समाज की बेहतरी के लिए कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई है. गुर्जर महापंचायत के अध्यक्ष थावर सिंह छाबड़ी की अध्यक्षता में हुई इस महापंचायत में गुर्जर समाज से जुड़े रेवाड़ी जिले (Rewari District) के तमाम सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
गुर्जर महापंचायत में लिए गए फैसले
- शादी में भात न्यौता कार्यक्रम में 11 से अधिक महिलाएं नहीं आएंगी और बर्तन बांटने का रिवाज बंद होगा.
- शादी-विवाह में DJ बजाने पर रोक लगा दी गई है. शराब का बार नहीं सजेगा.
- छुछक लेने- देने पर रोक लगाई गई है. संतान होने पर छठी की रात पर बर्तन बांटने पर रोक लगा दी गई है.
- लड़की का रोका करने 5 आदमी ही जाएंगे और 5 ही आएंगे.
- माला की रकम अधिकतम 5100 रूपए होगी.
- मांडा झाकने भी 5 ही आदमी जाएंगे और 5 ही आएंगे.
- गांव की सीमा में शराब का ठेका नहीं खोलने दिया जाएगा.
फैसला नहीं माना तो सुख- दुख से किनारा
गुर्जर महापंचायत के अध्यक्ष थावर सिंह छाबड़ी ने बताया कि गुर्जर समाज महापंचायत में लिए गए फैसलों को अगर किसी परिवार ने नहीं माना, तो उसके सुख-दुख में समाज हिस्सा नहीं लेगा. उस परिवार का सामाजिक तौर पर बहिष्कार कर दिया जाएगा.
उन्होंने बताया कि आधुनिकता के इस युग में युवाओं को ऐसी सामाजिक कुरीतियों से बचाने के लिए महापंचायत द्वारा अपने स्तर पर फैसले लिए गए हैं. शादी- विवाह में शराब पीने से लड़ाई-झगड़े बढ़ते हैं. शादी से जुड़ी अन्य रस्मों में हद से ज्यादा फिजूलखर्ची आर्थिक बोझ का कारण बनती है. अगर कोई महापंचायत में लिए गए फैसलों को तोड़ता है, तो ग्रामीण उसके घर शादी- समारोह में खाना नहीं खाएंगे.
