चंडीगढ़ | हरियाणा के राज्य विश्वविद्यालयों और सरकारी कॉलेजों में कार्यरत शिक्षक- गैर शिक्षक कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. सूबे की नायब सैनी सरकार (Nayab Saini Govt) ने इन कर्मचारियों को भी अन्य सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर 25% ज्यादा बाल शिक्षा भत्ता और हॉस्टल सब्सिडी प्रदान करने का फैसला लिया है.
हर महीने मिलेंगे इतने रूपए
राज्य विश्वविद्यालयों और सरकारी कॉलेजों में कार्यरत शिक्षक- गैर शिक्षक कर्मचारियों को अब प्रत्येक महीने बाल शिक्षा भत्ता के रूप में 2812.5 रूपए और हॉस्टल फीस के रूप में 8437.5 रूपए मिलेंगे. दिव्यांग बच्चों के लिए प्रत्येक माह 5,625 रुपये का शिक्षा भत्ता और दिव्यांग महिला कर्मचारियों को बच्चों की देखभाल के लिए 3750 रूपए मिलेंगे.
उच्चतर शिक्षा विभाग ने बाल शिक्षा भत्ते को लेकर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि इन कर्मचारियों को 1 जनवरी 2024 से इस बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा. नियमानुसार, महंगाई भत्ता (DA) 50 प्रतिशत से ज्यादा होने पर बाल शिक्षा भत्ते और हॉस्टल सब्सिडी की सीमा में खुद ही 25% की बढ़ोतरी हो जाती है.
50 फीसदी के पार पहुंचा डीए
7वें वेतन आयोग का लाभ ले रहे कर्मचारियों का DA एक जनवरी, 2024 के बाद 50% से ज्यादा हो चुका है, इसलिए कई विश्वविद्यालयों और कालेजों द्वारा बाल शिक्षा भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर कार्मिक विभाग से मार्गदर्शन मांगा जा रहा था.
उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना
उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बच्चों की शिक्षा भत्ते की प्रतिपूर्ति की राशि 2812.5 रुपये और हॉस्टल सब्सिडी 8437.5 रूपए प्रति महीना से ज्यादा नहीं होगी. भले ही कर्मचारी द्वारा वास्तविक व्यय कुछ भी किया गया हो. दिव्यांग बच्चों के मामले में भी कर्मचारी द्वारा किए गए वास्तविक व्यय की बजाय बाल शिक्षा भत्ते की प्रतिपूर्ति सामान्य दरों से दोगुनी होगी.
