हरियाणा लोक सेवा आयोग पर लगा डेढ़ लाख का जुर्माना, कोर्ट ने आयोग के रवैये को बताया गलत

चंडीगढ़ | पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की तरफ से हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) द्वारा अनुसूचित जाति की उम्मीदवार दिव्या कालिया की हरियाणा न्यायिक सेवा में नियुक्ति को खारिज करने के फैसले को रद्द करार किया गया है. कोर्ट का कहना है कि आयोग का यह निर्णय मनमाना और बिना उचित जांच के लिया गया है.

HPSC

HPSC पर लगा डेढ़ लाख जुर्माना

कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि वह दिव्या कालिया को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर नियुक्ति दें और आयोग पर 50,000 का जुमार्ना लगाया गया है. यह जुर्माना दिव्या कालिया को दिया जाएगा. इसके साथ ही, एक लाख पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के गरीब मरीज सहायता कोष में जमा करने के आदेश दिए गए है. दिव्या कालिया ने हरियाणा सिविल सेवा (न्यायिक शाखा) परीक्षा 2023- 24 के लिए अनुसूचित जाति वर्ग में अप्लाई किया था.

इस वजह से आवेदन किया खारिज

उनका आवेदन यह कहकर खारिज कर दिया गया कि उनके कास्ट सर्टिफिकेट में रजिस्ट्रेशन नंबर और तिथि नहीं थी. यह प्रमाण पत्र 11 जुलाई 2016 को जारी किया गया था. कालिया ने इसे चुनौती दी और कहा कि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए थे और यह गलती सर्टिफिकेट जारी करने वाले अधिकारी की थी, न कि उनकी. बाद में तहसीलदार ने इस प्रमाणपत्र की सत्यता की पुष्टि भी कर दी थी.

उम्मीदवार को बाहर करना न्याय से वंचित करने जैसा

आयोग ने स्पष्टीकरण स्वीकार नहीं किया और उनका आवेदन रद्द किया गया. हाई कोर्ट का कहना है कि कालिया ने अपने मामले को पूरी गंभीरता और ईमानदारी से आगे बढ़ाया और यदि कोई गलती थी, तो वह प्रमाण पत्र जारी करने वाली अधिकृत संस्था की थी. अदालत का कहना कि आयोग ने ह्रयांत्रिक और असंवेदनशील रवैया अपनाया और योग्य उम्मीदवार को तकनीकी त्रुटि के आधार पर बाहर कर देना न्याय से वंचित करने जैसा है.

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4 हफ्ते के अंदर नियुक्ति के आदेश

हाई कोर्ट के जस्टिस शील नागु जस्टिस सुमित गोयल ने यह भी कहा कि आयोग जैसे संस्थानों को सिर्फ तकनीकी आधार पर योग्य उम्मीदवारों को बाहर नहीं करना चाहिए और उन्हें न्याय की भावना के अनुरूप काम करना चाहिए. आयोग को निर्देश दिया गया है कि वह चार हफ्ते के अंदर दिव्या कालिया की नियुक्ति की प्रोसेस पूरी करें और इसका अनुपालन शपथ पत्र के जरिये अदालत को दे. इसके साथ ही, आयोग को यह अधिकार दिया गया कि वह उन अधिकारियों से जुर्माना वसूल सकता है, जो इस गलत निर्णय के लिए जिम्मेदार है.

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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.