ज्योतिष | हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व बताया गया है, शनिचरी अमावस्या 29 मार्च को है. इस दिन शनि कुंभ राशि से गोचर करके मीन राशि में प्रवेश करेंगे. ग्रहों के राशि परिवर्तन (Rashi Parivartan) का प्रभाव वैसे तो सभी राशि के जातक को पर दिखाई देता है, परंतु कुछ विशेष राशियों को इसका लाभ भी मिलता है. शनि के इस राशि परिवर्तन का प्रभाव कुछ राशि के जातक को पर नकारात्मक रहेगा, तो कुछ राशि के जातकों को विशेष लाभ भी मिलने वाला है. शनि के गोचर से मेष राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी.
जल्द शनि करेंगे राशि परिवर्तन
कुंभ राशि के जातक को पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा चरण, मीन राशि पर दूसरा चरण और मेष राशि के जातकों पर पहला चरण शुरू हो जाएगा. शनि के राशि परिवर्तन की वजह से धनु राशि पर शनि की ढैया शुरू होगी. कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों को शनि की ढैया से मुक्ति मिल जाएगी, अभी शनि कुंभ राशि में विराजमान है और इन्हें इसी राशि का स्वामी भी माना जाता है.
आने वाले 29 तारीख को शनि कुंभ राशि से निकलकर सुबह 11:00 बजे मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे, इस दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लगने वाला है. 29 मार्च को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इस वजह से इसका सूतक काल भी यहा मान्य नहीं होगा.
शनि की ढैया और साढ़ेसाती में ना करें यह कार्य
शनि की ढैया और साढ़ेसाती में अनुशासन में रहकर कार्य करने चाहिए. किसी भी गलत कार्य से दूर रहना चाहिए. साथ ही, हमें किसी कमजोर या मजबूर व्यक्ति कौन नहीं सताना चाहिए. किसी भी काम के लिए शॉर्टकट को नहीं अपनाना चाहिए, ईमानदारी और मेहनत से ही कार्य करना चाहिए. वैसे तो जब भी कोई बड़ा ग्रह राशि परिवर्तन करता है, तो इसका प्रभाव लगभग सभी राशि के जातकों पर दिखाई देता है.
शनि ग्रह को न्याय का देवता और कर्म फलदाता के नाम से जाना जाता है. शनि की साढ़ेसाती और ढैया की वजह से लोगों की कई प्रकार की परेशानियां बढ़ जाती है.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
