नूंह | खेल मैदान में उपलब्धियों की बात करें, तो हरियाणा (Haryana) का नाम देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सबसे ज्यादा प्रचलित है. यहां के खिलाड़ी अपनी मेहनत और काबिलियत की बदौलत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश- दुनिया में नाम कमा रहे हैं. इसके बावजूद, सूबे का एक जिला ऐसा हैं, जो खेल सुविधाओं के मामलों में काफी पिछड़ा हुआ है. यहां छोटा या बड़ा या फिर कोई स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स नहीं है.
खेल सुविधाओं में इजाफा
खेल सुविधाओं के मामलों में पिछड़े नूंह जिले को लेकर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि जिले में खेलों के लिए बेहतर संसाधनों को विकसित किया जाएगा. इस संबंध में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाने के लिए कंसल्टेंट चयनित किया गया है. प्रशासन का प्रयास है कि शहर या फिर शहर के आसपास खेल स्टेडियम या स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाए, ताकि आम लोग पैदल पहुंचकर इस सुविधा का लाभ उठा सकें.
उपायुक्त ने बताया कि करीब आधा दर्जन गांवों में खेल संसाधन के लिए जगह देखी गई हैं. सभी जगहों का आंकलन किया जा रहा है. शाहपुर नंगली गांव में 9 एकड़ में राजीव गांधी खेल परिसर है. कुछ खेल गतिविधियां वहां पर कराई जाएंगी और शहर में नगर परिषद नूंह के सहयोग से स्पोर्ट्स कांप्लेक्स की प्लानिंग की जा रही है. इस संबंध में DPR तैयार करने के लिए कंसल्टेंट हायर किया गया है. उन्होंने बताया कि डीपीआर बनते ही सरकार को उसका प्रपोजल भेजा जाएगा. वहां से स्वीकृति प्रदान होने पर धरातल पर काम शुरू किया जाएगा.
निर्माण कार्य जल्द शुरू
मैडल फैक्ट्री के नाम से मशहूर हरियाणा में आज भी एक जिला ऐसा अभागा है कि जिला बनने के 20 साल बाद भी जिला स्तरीय खेल स्टेडियम नही है. जिसके चलते खेल प्रतिभाएं दम तोड़ रही है. अब इस कमी को पूरा करने को लेकर जिला प्रशासन गंभीर दिखाई दे रहा है. ऐसे में अब उम्मीद जताई जा रही है कि इसी साल जिला स्तरीय खेल स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा.
