गुरुग्राम | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी (Nayab Saini) रविवार को गुरुग्राम पहुंचे थे, जहां उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय सैनी सेवा समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की. इस अवसर पर उनके साथ यूपी- बिहार के डिप्टी सीएम, सांसद उपेन्द्र कुशवाहा और कल्पना सैनी सहित कई अन्य बड़े नेता उपस्थित रहे.
SC- OBC वर्ग के लिए बड़ी घोषणा
महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने SC- OBC वर्ग के छात्रों के लिए बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2025- 26 से देश के किसी भी सरकारी कालेज में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले SC- OBC स्टूडेंट्स को पूरी छात्रवृत्ति दी जाएगी. इसके लिए एक अलग से पोर्टल बनाया जाएगा.
सीएम ने कहा कि प्रदेश की बीजेपी सरकार ने पिछड़े वर्गों के लिए क्रीमीलेयर की आय सीमा 6 लाख रुपए से बढ़ाकर 8 लाख रुपए वार्षिक की है तथा पिछड़ा वर्ग- बी को पंचायती राज संस्थाओं व शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण दिया है. गरीबों का कल्याण- उत्थान हमारा संकल्प था, है और रहेगा. उन्होंने बताया कि पिछड़े वर्गों के 3 लाख रुपए तक सालाना आमदनी वाले परिवारों के बच्चों को देश में पढ़ाई के लिए 15 लाख रुपए और विदेश में पढ़ाई के लिए 20 लाख रुपए तक लोन 4% वार्षिक ब्याज दर पर दिया जा रहा है.
आज 13 अप्रैल के ऐतिहासिक दिन पर नई दिल्ली में ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज द्वारा महात्मा ज्योतिबा फूले जी की जयंती के उपलक्ष्य पर आयोजित “राष्ट्रीय जागृति महासम्मेलन” में उपस्थित प्रबुद्धजनों को राम-राम कर संबोधित किया।
इस अवसर पर जलियाँवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को नमन कर,… pic.twitter.com/QcxOeaFZ6y
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) April 13, 2025
समाज को किया जागृत
CM ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने उस समय देश और समाज को जगाने का काम किया था, जब भारत गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था. उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन बाल विवाह को रोकने, विधवा विवाह का समर्थन करने, महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाने, छुआछूत को खत्म करने और समाज को सशक्त बनाने में लगा दिया. उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा, विधवा विवाह, दलित उत्थान और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाई, वह भी उस दौर में जब ये बातें सोचना भी कठिन था. उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर पुणे में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला था.
