चंडीगढ़ | हरियाणा निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम- 2011 के तहत प्राइवेट स्कूलों में पहली कक्षा और पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में फ्री एडमिशन के लिए गरीब छात्र अब 25 अप्रैल तक आवेदन कर पाएंगे. सोमवार को आवेदन के लिए लास्ट दिन था, जिसमें अब शिक्षा विभाग द्वारा 4 दिन की बढ़ोतरी की गयी है.
गरीब छात्रों को देना होगा मुफ्त दाखिला
आरटीई के तहत सभी प्राइवेट स्कूलों को पहली कक्षा तक 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब छात्रों को मुफ्त दाखिला देना ही होगा यह कंपल्सरी है. राज्य में कुल 10 हजार 701 प्राइवेट मान्यता प्राप्त स्कूल हैं, जिनमें से 7,565 स्कूल संचालकों ने गरीबों को एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके विपरीत, 3,134 निजी स्कूलों ने अभी तक गरीबों के लिए रिज़र्व सीटों पर दाखिले के लिए कोई कदम नहीं उठाया है.
यह बच्चे होंगे फ्री दाखिले के पात्र
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने इन स्कूलों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है. उज्जवल पोर्टल पर खाली सीटें नहीं दिखाने वाले इन स्कूलों की मान्यता भी रद की जा सकती है. मौलिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी आर्डर में स्पष्ट किया गया है कि एचआइवी प्रभावित बच्चे, विशेष जरूरत वाले बच्चों और युद्ध विधवा के बच्चों सहित गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे आरटीई के तहत फ्री दाखिलों के लिए पात्र होंगे.
कुल सीटों का कम- से- कम 8 प्रतिशत अनुसूचित जाति, 4 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग- ए और ढाई प्रतिशत पिछड़ा वर्ग बी कैटेगरी के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है. जो स्कूल की सबसे पहली कक्षा होगी, उसी कक्षा में ही ऑनलाइन आवेदन मंजूर किए जाएंगे.
