नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के 48 गांवों की तस्वीर बदलने जा रही है. दिल्ली की बीजेपी सरकार में लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा शनिवार को दौलतपुर गांव में चल रहे किसानों के धरने पर पहुंचे. यहां विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे किसानों से उन्होंने बातचीत की और उनका अनशन खत्म करवाया. इस दौरान उन्होंने किसानों के समक्ष कई बड़ी घोषणाएं की.
गांवों का होगा शहरीकरण
PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि राजधानी का बहुप्रतीक्षित मास्टर प्लान 2041 अंतिम चरण में है. जल्द ही, इसको लागू कर दिया जाएगा. इसके साथ ही, दिल्ली के 48 गांवों का शहरीकरण भी किया जाएगा. उन्होंने कहा मास्टर प्लान लागू होने पर दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में विकास की गंगा बहेगी. इस प्लान के तहत, दिल्ली के लगभग 48 गांवों को शहरीकृत घोषित किया जाएगा. यह केवल एक तकनीकी प्रकिया नहीं है, बल्कि एक बड़ा सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन होगा.
प्रवेश वर्मा ने बताया कि शहरीकरण के बाद इन गांवों में सड़कें, बिजली-पानी, स्ट्रीट लाइटें, पक्की गलियां, सीवरेज व्यवस्था, स्कूल, अस्पताल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएगी. शहरीकरण के बाद लाल डोरे की पहली रजिस्ट्री नि:शुल्क की जाएगी. इस घोषणा से हजारों ग्रामीण परिवार सीधे लाभान्वित होंगे, जो सालों से अपनी संपतियों के वैध दस्तावेजों के इंतजार में बैठे हैं. रजिस्ट्रियां होने से संपति विवाद में कमी आएगी और लोगों को कानूनी सुरक्षा का लाभ मिलेगा.
गंभीरता से होगा विचार
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि जमीन पर उन्हें पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी से लागू करना है. पीडब्ल्यूडी मंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द- से- जल्द पूरा किया जाएगा.
