चंडीगढ़ | हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) व केंद्रीय विद्यालय शिक्षा बोर्ड (CBSE) की तरफ से 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया है. 12वीं करने के बाद विद्यार्थी अब कॉलेज में दाखिला लेंगे. हरियाणा के कॉलेजों में सोमवार यानि आज से विद्यार्थियों के एडमिशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल खुल जाएगा.
पहली बार कॉलेजों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन गाइडेंस काउंसलिंग एंड फिजियोथेरेपी, पीजी इन म्यूजिक वीकल एंड इंस्टूमेंट कोर्स, मल्टी- डिसिप्लिनरी कोर्स (एमडीसी) और पीजी डिप्लोमा इन डिजिटल मार्केटिंग कोर्स की शुरुआत करने की मांग उठाई है.
17 मई तक देनी थी जानकारी
पहले शिक्षा विभागकॉलेजों में कोर्स के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर, टीचर्स, लैब सहित तमाम मापदंडों का आकलन करता है. उसके बाद, कोर्सेज के अलॉटमेंट की प्रोसेस पूरी होती है. इसके लिए 15 से 17 मई तक वक्त दिया गया था. इस समय के दौरान कॉलेजों को ऑनलाइन पोर्टल पर नए कोर्स, सीटें, प्रधानाचार्य, कोर्स या सीट घटाने व बढ़ाने की जानकारी देनी थी.
पहली बार आई इन कोर्सेज की मांग
इस कोर्स की समय इस बात पर निर्भर करती है कि विद्यार्थी क्या कोर्स कर रहे हैं. जैसे कि बीटेक या बीएमसी जैसे ग्रेजुएट लेवल के पाठ्यक्रम 4 साल और डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स 6 महीने से 2 साल तक की अवधि के हो सकते हैं. कॉलेजों ने पहली बार मास कम्यूनिकेशन इन वीडियो प्रोडक्शन की डिमांड की है. इसी प्रकार समाजशास्त्र मनोविजन, होनम, पंजाबी, नेजर इन इंग्लिश, मेजर इन कॉमर्स, अर्थशास्त्र मेजर इन जियोग्राफी में ज्यादा रुझान नजर आ रहा है.
तकनीक की तरफ सबका रुझान
सभी स्टूडेंट्स का ध्यान इस वक्त टेक्नोलॉजी की तरफ है. कोलेजों ने बीए बीएससी से हट कर अब डिफेंस स्टडी, बैचलर अफ टूरिज्य मैनेजमेंट (जीशिम), बीबीए, बीकॉम जैसे विषयों की ज्यादा मांग की है. वर्तमान में यह बीटीएम फरीदाबाद, करनाल, गुहला चीका और कैथल के 4 कॉलेजों में है. इसी प्रकार अभी डिफेंस स्टडी भी आदमपुर, हिसार जैसे कुछ कॉलेजों में ही उपलब्ध है.
म्यूजिक वोकल और इंस्ट्रूमेंट कोर्स में पोस्ट ग्रेजुएट
जो विद्यार्थी म्यूजिक में रुचि रखते हैं यह दोनों उनके लिए है. इसमें वोकल कोर्स में गायन, रागों, संगीत रचना और प्रदर्शन की तकनीक और इंस्ट्रूमेंट कोर्स में कई तरह के वाद्य यंत्रों जैसे तानपुरा, सितार, तबला की ट्रेनिंग दी जाती है.
मल्टी डिसिप्लिनरी (एमडीसी) कोर्स
इसमें एक से ज्यादा विषयों को सम्मिलित किया जाता है. जैसे कि एमडीसी कोर्स में इतिहास, कला, और भाषा विज्ञान जैसे सब्जेक्ट शामिल होते हैं. इससे विद्यार्थियों में इस स्किल में इजाफा होता है कि वह विभिन्न तरीकों से समस्या को समझकर उसके समाधान कर सकता है.
पीजी डिप्लोमा इन डिजिटल मार्केटिंग
यह 1 वर्षीय स्नातकोत्तर स्तर का कोर्स है. यह कोर्स विद्यार्थियों को ऑनलाइन मार्केटिंग के सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन, सर्च इंजन मार्केटिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग व ईमेल मार्केटिंग के साथ डेटा विश्लेषण, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग के बारे में जानकारी सीखाता है.
