6 जून को निर्जला एकादशी, इस प्रकार करें मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु को प्रसन्न; पढ़ें पौराणिक कथा

ज्योतिष | ज्येष्ठ महीने की शुरुआत हो चुकी है. इस महीने को बेहद ही पवित्र माना जाता है, इस महीने निर्जला एकादशी का व्रत शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि यानी की 6 जून को रखा जाएगा. हिंदू धर्म में इस व्रत को विशेष महत्व प्राप्त है. साथ ही, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी इसे काफी अच्छा माना जाता है. आज हम आपको निर्जला एकादशी व्रत से जुड़ी हुई कुछ खास बातों के बारे में जानकारी देने वाले हैं.

lord vishnu

निर्जला एकादशी तिथि

ज्येष्ठ महीने की एकादशी तिथि को विष्णु भगवान की विधि विधान पूजा करने का महत्व है. इस दिन निर्जला व्रत भी रखा जाता है. इसके साथ ही, दान देने से एक कई गुना ज्यादा फल प्राप्त होता है और व्यक्ति को समस्त पापों से छुटकारा मिल जाता है. इस दिन विष्णु जी और मां लक्ष्मी की विधि-  विधान तरीके से पूजा अर्चना करनी चाहिए.

6 जून को रात 2:15 मिनट पर एकादशी तिथि प्रारंभ हो रही है और 7 जून को सुबह 4:27 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार, 6 जून को ही एकादशी तिथि रहेंगी. 7 जून को एकादशी व्रत का पारण करने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:44 से 4:31 मिनट तक रहने वाला है.

निर्जला एकादशी से जुड़ी हुई कथा

आपने इस व्रत से जुड़ी हुई कई प्रकार की कथाएं भी सुनी होगी. आज हम भी आपको निर्जला एकादशी व्रत कथा के बारे में जानकारी देंगे. भीमसेन व्यास जी कहने लगे कि हे पितामह भ्राता युधिष्ठिर, माता कुंती, द्रौपदी, अर्जुन, नकुल और सहदेव आदि सब एकादशी का व्रत करने को कहते हैं, परंतु महाराज मैं उनसे कहता हूं कि भाई मैं भगवान की शक्ति पूजा आदि तो कर सकता हूं.

दान भी दे सकता हूं, परंतु भोजन के बिना नहीं रह सकता. इस पर व्यास जी कहने लगे कि यदि तुम नरक को बुरा और स्वर्ग को अच्छा समझते हो, तो प्रति मास की दोनों एकादशियों को तुम्हें अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए.

डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.

Avatar of Meenu Rajput
Meenu Rajput
View all posts

मेरा नाम मीनू राजपूत है. हरियाणा ई खबर के साथ पिछले 6 साल से कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रही हूँ. मैं यहाँ पर ज्योतिष, फाइनेंस और बिजनेस से जुडी न्यूज़ कवर करती हूँ.