नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां नवनिर्वाचित बीजेपी सरकार के खिलाफ ऑटो- टैक्सी चालक संगठनों ने 18 जून को सचिवालय के नजदीक विरोध प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है. उन्होंने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा द्वारा किए गए ऑटो चालक कल्याण बोर्ड के गठन तथा चालकों को सामाजिक सुरक्षा के लाभ से जोड़ने के संकल्पों को पूरा करने की मांग पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है.
अपने वादों पर खरा उतरें बीजेपी सरकार
दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ व दिल्ली टैक्सी यूनियन की महामंत्री राजेंद्र सोनी ने बताया कि सीएम रेखा गुप्ता और परिवहन मंत्री को 6 बार मांग पत्र सौंपा गया है, जिसमें उनसे संकल्पों को पूरा करने का आग्रह किया गया है. इसी तरह बाइक टैक्सी में अवैध रूप से चलते निजी नंबरों की बाइकों, कैब सेवा में दूसरे राज्यों की कारों तथा जुगाड़ रिक्शा पर भी रोक लगाने की मांग की गई थी, लेकिन उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक रवैया नहीं दिखा रही है, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन का फैसला लेना पड़ा है.
लोगों को होगी परेशानी
उन्होंने कहा कि दिल्ली में 27 साल बाद BJP सत्ता में लौटी है और इसमें ऑटो- टैक्सी चालकों ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है. चुनाव के दौरान बीजेपी पार्टी का पूरा सहयोग किया गया था. इसलिए हम लोग टकराव नहीं चाहते हैं, लेकिन सरकार से गुजारिश करते हैं कि वह अपने संकल्पों पर ईमानदारी का परिचय दे. वहीं, ऑटो- टैक्सी ड्राइवर्स द्वारा विरोध प्रदर्शन के ऐलान के बाद 18 जून को दिल्ली में सफर करने वाले लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ सकती है.
