चंडीगढ़ | हरियाणा प्रदेश के नागरिकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है. प्रदेश की भाजपा सरकार की तरफ से नूह से राजस्थान के तिजारा के लिए एक नई लंबी सड़क बनाने की योजना को मंजूरी दे दी गई है. जानकारी देते हुए बताया गया कि राजस्थान के तिजारा के लिए 45 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी, पहले इसका भौगोलिक सर्वे होगा उसके बाद ही लोक निर्माण विभाग कंसलटेंट एजेंसी की मदद से आगे कार्य किया जाएगा. आज हम आपको इसी के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले हैं.

नई सड़क को मिली मंजूरी
जानकारी देते हुए बताया गया कि इस नई लंबी सड़क बनने से हरियाणा- राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच न केवल धार्मिक पर्यटन, बल्कि व्यापार को भी बढ़ावा मिलता हुआ दिखाई दे रहा है. वर्तमान समय में जो सड़क बनी हुई है वह काफी संकरी और लंबी है. अब जो नई सड़क बनाई जाएगी वह इस दूरी को 15 किलोमीटर कम कर देगी. इससे इस मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को लाभ मिलने वाला है. अर्थात, उनके मूल्यवान समय में बचत होने वाली है.
जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रस्तावित सड़क को अरावली वन क्षेत्र के 4 किलोमीटर क्षेत्र से निकल जाएगा और इस परियोजना को पूरा करने के लिए पौधा विभिन्न पहाड़ियों को तोड़कर नया रास्ता तैयार किया जा सकता है.
बजट बढ़ाने की रखी गई मांग
प्रदेश सरकार की तरफ से राजस्थान के तिजारा को कनेक्ट करने के लिए अरावली में सड़क बनाने की इस योजना को साल 2019 में शुरू किया गया था. इस दौरान 10 करोड रुपए की लागत से इसे शुरू किया गया था, परंतु बीच में कोरोना काल आने की वजह से इसका कार्य धीमा होता चला गया. फिर बिना वजह से काम पर रोक भी लग गई. अब एक बार फिर से इस सड़क को बनाने का काम शुरू किया गया है. इसी के साथ अरावली की चट्टानों को तोड़ने की वजह बता कर इस सड़क के बजट को बढ़ाने को लेकर भी सरकार से मांग की गई है.
इन क्षेत्रों की आसान होगी कनेक्टिविटी
यह नई सड़क हरियाणा के नूहू के नौटंकी गांव से लेकर राजस्थान के तिजारा तक बनेगी. इसकी चौड़ाई 7 मीटर होगी. वहीं, इस स्टेट हाईवे के रूप में भी विकसित किया जा सकता है, इस प्रकार की कई खबरें भी सामने आ रही है. इसके बनने से यूपी के ब्रज क्षेत्र से राजस्थान का सफर काफी आसान हो जाएगा. अभी मथुरा या वृंदावन जाने के लिए लोगों को सीधा रास्ता नहीं मिल पा रहा है, इस नई सड़क के बनने से वह आसानी से इन धार्मिक स्थलों पर जा पाएंगे. हरियाणा सरकार के इस नई सड़क के फैसले से 3 राज्यों को पहले से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने वाली है.