चंडीगढ़ | सूबे की नायब सैनी सरकार ने राज्य के निवासी पूर्व अग्निवीर सैनिकों के हित में एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है. सरकार द्वारा इन सैनिकों को सीधी भर्ती में क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जाएगा. इस संबंध में चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी ने पत्र जारी कर दिया है. विस्तृत विचार- विमर्श के बाद बनाई गई. इस नीति के तहत, विभिन्न राज्य सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का सीधा लाभ मिलेगा.
अग्निवीर सैनिकों को मिलेगा लाभ
नई नीति के अनुसार, कौशल आधारित ग्रुप B पदों पर 1% और ग्रुप C पदों पर (कुछ श्रेणियों को छोड़कर) 5% आरक्षण का लाभ मिलेगा. गृह विभाग में पुलिस कांस्टेबल पदों के लिए 20% तथा पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में वन रक्षक, जेल विभाग में वार्डर और खान एवं भूविज्ञान विभाग में माइनिंग गार्ड पदों पर 10% आरक्षण निर्धारित किया गया है.
ऐसे लागू होगा आरक्षण
सभी सामाजिक वर्गों में समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण तय रोस्टर प्वाइंट्स पर लागू होगा. चयन पूरी तरह योग्यता के आधार पर होगा और यदि उपयुक्त पूर्व अग्निवीर उपलब्ध नहीं होंगे, तो रिक्त पद संबंधित वर्ग के योग्य उम्मीदवारों से भरे जाएंगे. सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि पुलिस कांस्टेबल, वन रक्षक, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से छूट दी जाएगी, क्योंकि उनकी शारीरिक क्षमता और सैन्य प्रशिक्षण पहले ही प्रमाणित है.
लिखित परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य
ग्रुप C भर्ती के लिए आयोजित होने वाली सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) से भी पूर्व अग्निवीर पहले से ही मुक्त हैं. जिन कौशलों का प्रशिक्षण उन्हें सेना में मिला है, उनसे संबंधित परीक्षाओं से भी उन्हें छूट दी जाएगी. हालांकि, हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन द्वारा विज्ञापित पदों के लिए उन्हें लिखित परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा.
