हिसार | हरियाणा में आपत्तिजनक और विवादित नाम वाले गांवों का नाम बदलने की प्रक्रिया लगातार जारी है. मुख्यमंत्री नायब सैनी की सरकार के कार्यकाल में अब तक आधा दर्जन से ज्यादा गांवों के नाम बदले जा चुके हैं. इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में साढ़े 9 साल में लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांवों के नाम बदले गए थे.
पूर्व मुख्यमंत्री के गांव का बदला जाएगा नाम
हरियाणा की राजनीति के दिग्गज और पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल का पैतृक गांव मोहम्मदपुर रोही अब जल्द ही भजनगढ़ के नाम से जाना जायेगा. इसके लिए गांव में रायशुमारी चल रही है. उसके बाद, पंचायत इस नाम को लेकर सरकार को प्रस्ताव भेजेगी. वैसे यह निर्णय सिर्फ एक नाम बदलना नहीं है, बल्कि एक महान नेता को श्रद्धांजलि देना है, जिन्होंने हरियाणा की राजनीति में दशकों तक अपना दबदबा बनाए रखा.
कुछ ग्रामीण धार्मिक आस्था के चलते गांव का नाम संत शाह मस्ताना की याद में अमरापुरी भी रखना चाहते हैं, लेकिन अधिकांश ग्रामीणों की सहमति भजनलाल के नाम पर ही है. यह पहल सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में ऐसे गांवों के नाम बदलने की कवायद शुरू हो गई हैं, जिनके नाम अटपटे हैं या गुलामी के दौर से जुड़े हुए हैं.
गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया
सबसे पहले ग्राम सभा की बैठक में ग्रामीण नाम बदलने का प्रस्ताव रखते हैं. यह प्रस्ताव ग्राम सभा में बहुमत से पारित होना चाहिए. पारित प्रस्ताव में यह साफ लिखा होता है कि नया नाम क्या होगा और उसके पीछे क्या कारण हैं. इस प्रस्ताव को जिला प्रशासन के पास भेजा जाता है. फिर जिला प्रशासन अच्छी तरह से जांच कर अपनी रिपोर्ट तैयार करता है और उसे राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को भेजा जाता है. अंतिम निर्णय राज्य सरकार की मंजूरी से होता है.
