रोहतक | हरियाणा के रोहतक शहर की जनता के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. यहां त्यौहारी सीजन पर बिजली उपभोक्ताओं को बिना कटौती के बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है.
आखिरी चरण में पहुंची योजना
पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी की ओर से शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना का लगभग 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है और इसपर 86 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि बचे हुए कार्य को लगभग दो महीने में पूरा कर लिया जाएगा. इस योजना के पूर्ण होने पर उपभोक्ताओं को लंबी बिजली कटौती और ओवरलोड की समस्या से छुटकारा मिलेगा.
उन्होंने बताया कि इस योजना का मकसद केवल तत्काल सुविधा नहीं बल्कि बिजली की जरूरतों को देखते हुए निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित बनाने की दिशा में विश्वसनीय कदम हैं. इससे बिजली उपभोक्ताओं को हाई वोल्टेज, लोड शेडिंग और बार-बार होने वाली कटौती जैसी समस्याओं से बड़े स्तर पर राहत पहुंचेगी.
बिछाई गई नई केबल
ओवरलोड और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं का स्थायी तौर पर हल करने के लिए 71 फीडरों पर अपग्रेडेशन का काम किया जा रहा है. शहर में पुराने और जर्जर तारों को हटाकर उच्च क्षमता वाली नई केबल डाली जा रही है. कई इलाकों में ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है. कई जगहों पर ट्रांसफार्मरो को अपग्रेड किया गया है. मानसरोवर पार्क के सामने बिजली की तारों की मरम्मत की गई और पेड़ों की टहनियों की कटाई कर दी गई है, ताकि भविष्य में तार टूटने या दुर्घटना का खतरा न रहे.
शहर में तार बदलने और केबल बिछाने का अधिकांश काम सितंबर तक पूरा हो जाएगा. सभी कार्य पूरे होने के बाद शहर में न केवल बिजली कट की समस्या घटेगी, बल्कि फ्यूज उड़ने जैसी शिकायतें भी काफी हद तक खत्म हो जाएंगी. अभी शहर में 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है- रामेंद्र मलिक, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम
