ज्योतिष | हिंदू धर्म में एकादशी के साथ- साथ तुलसी के पौधे को बेहद ही पवित्र माना जाता है. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रिय तुलसी अधिकतर घरों में आपको मिल जाती है. शास्त्रों के अनुसार, तुलसी के पौधे को घर में लगाना काफी शुभ माना जाता है. मान्यता है कि तुलसी जी वृंदावन की अधिष्ठात्री देवी और भगवान कृष्ण की प्रिया सखी वृंदा को भी कहा जाता है. जो व्यक्ति सच्चे मन से तुलसी जी की पूजा, आदर और सेवा करते हैं. उनके जीवन में सौभाग्य- पुण्य और भगवान की कृपा बढ़ती है. आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले हैं.

तुलसी से जुड़े हुए कुछ खास नियम
शास्त्रों में बताया है कि रविवार के दिन तुलसी के पौधे में जल नहीं डालना चाहिए. अर्थात पौधे को टच भी नहीं करना चाहिए. एकादशी के दिन तुलसी के पौधे पर जल नहीं चढ़ाया जाना चाहिए, ऐसा एक सवाल प्रेमानंद महाराज जी से भी उनके एक वार्तालाप में पूछा गया. इस पर महाराज जी ने कहा कि आपको किसी प्रकार के भ्रम में नहीं पढ़ना है. एकादशी तिथि को तुलसी पर जल भी चढ़ाया जा सकता है और पत्ते भी तोड़े जा सकते हैं. ऐसा करने से किसी प्रकार का कोई भी पाप नहीं लगता, किंतु इससे अगले दिन द्वादशी तिथि पर ऐसा करने की मनाई होती है. इस दिन तुलसी जी का स्पर्श भी उचित नहीं माना जाता.
न करें यह गलती
तुलसी जी की सेवा- सेवन से मन,वाणी और शरीर से हुए सारे पाप नष्ट हो जाते हैं. तुलसी की छाया पितरों को तृप्त करती है और घर में तुलसी का पौधा लगाने से श्राद्ध के बराबर का कल्याण मिलता है. तुलसी जी की मंजरी भगवान विष्णु के चरणों में अर्पित करने से व्यक्ति के जीवन के सभी दोष खत्म हो जाते हैं. उसे अपने जीवन में सौभाग्य की प्राप्ति होती है. ऐसे में आप एकादशी तिथि के दिन तुलसी पर जल चढ़ा सकते हैं, परंतु आपको इससे अगली तिथि यानी द्वादशी तिथि पर ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना है.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.