चंडीगढ़ | हरियाणा में जैविक और प्राकृतिक खेती को अब सिर्फ प्रोत्साहित ही नहीं बल्कि संरक्षित बाजार भी दिया जाएगा. चंडीगढ़ में आयोजित किसान कल्याण प्राधिकरण की चौथी बैठक में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह बात कही है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑर्गेनिक फसलों की उपज के प्रमाणीकरण के लिए विशेष लैब स्थापित की जाएं ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित और प्रीमियम मूल्य मिल सके.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना प्रमाणीकरण के किसानों को उचित भाव नहीं मिल पाता है, इसलिए हमारी सरकार अब इस कमी को दूर करेगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर राज्य में करीब 5 हजार एकड़ क्षेत्र में स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन विकसित किया जाए. यहां किसानों को जैविक व प्राकृतिक खेती के लिए तकनीकी मार्गदर्शन के साथ प्रशिक्षण मिलेगा ताकि किसानों में भरोसा बना रहे.
सरकार देगी गारंटी
CM ने स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि प्राकृतिक खेती अपनाने के कारण किसी किसान की आमदनी प्रभावित होती है तो हमारी सरकार उसकी भरपाई करेगी. उन्होंने कहा कि जैविक व प्राकृतिक खेती से किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. उन्होंने अधिकारियों को माइक्रो इरिगेशन, जल प्रबंधन, उन्नत बीज और आधुनिक तकनीकों को स्मार्ट जोन में प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश दिए.
रासायनिक खाद के बहुत दुष्प्रभाव
मुख्यमंत्री ने किसानों तक नीति और ज्ञान पहुंचाने के ब्लॉक स्तर पर किसान गोष्ठी, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और जागरूकता अभियानों का वार्षिक कैलेंडर बनाने के निर्देश दिए. इन अभियानों में रासायनिक खाद व कीटनाशकों के दुष्प्रभावों और प्राकृतिक खेती के दीर्घकालिक लाभों पर विशेष जोर दिया जाएगा.
