नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और NCR में सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को नई क्रांति प्रदान करने के लिए ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना लाई गई है. रैपिड रेल के बाद अब यह महत्वाकांक्षी योजना नोएडा और गाजियाबाद को बागपत के खेकड़ा होते हुए हरियाणा से जोड़ेगी जिससे लोगों को इन क्षेत्रों में तेज और सुगम आवाजाही की सुविधा मिलेगी.

NCR की रिंग रेल
संबंधित अधिकारियों ने बताया कि ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर हरियाणा के सोनीपत और कुंडली से शुरू होकर बागपत के खेकड़ा, हापुड़, गाजियाबाद के दुहाई, दादरी, नोएडा और ग्रेटर नोएडा होते हुए पलवल तक जाएगा. 270 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट को NCR की रिंग रेल के रूप में विकसित किया जाएगा. ठीक दिल्ली के बाहर रिंग रोड की तर्ज पर तैयार किया जाएगा.
ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर में नोएडा से बागपत के खेकड़ा होते हुए हरियाणा तक लगभग 20 जगहों पर स्टेशन निर्माण की योजना है, जहां मेट्रो और रैपिड रेल से भी कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा. इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक का लिंक हैं, जो ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के समानांतर विकसित किया जाएगा.
कई इलाकों में सुपरफास्ट होगी आवाजाही
यह कॉरिडोर गाजियाबाद के दुहाई स्टेशन पर नमो भारत ट्रेन से कनेक्ट होगा जिससे यात्रियों को एक ही नेटवर्क में मेट्रो और रैपिड रेल की सुविधा मिलेगी. इसके चालू होने पर बागपत से जेवर एयरपोर्ट का सफर मात्र 1 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. वहीं, दूसरी ओर इससे NCR में ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलेगी. बागपत समेत आसपास के इलाकों में विकास नई रफ्तार पकड़ेगा. इससे गाजियाबाद के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचेगा.
इस परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी हैं और इसे संबंधित प्राधिकरणों को सौंप दिया गया है. हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर का 60% से ज्यादा कार्य पूरा हो चुका है जबकि UP में इस साल के आखिर तक या फिर अगले साल इस परियोजना पर काम शुरू होने की संभावना है. यह कॉरिडोर दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेसवे समेत कई हाइवे और एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. जिससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि माल परिवहन भी तेज और सस्ता हो जाएगा.