हरियाणा में इन किसानों को मिलेंगे प्रति एकड़ 8 हजार रुपए, धान की बजाय इन फसलों की करनी होगी बिजाई

चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. प्रदेश सरकार द्वारा गिरते भूजल को सुधारने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘मेरा पानी- मेरी विरासत’ योजना चलाई जा रही है. इस योजना के तहत यदि किसान धान की खेती छोड़कर कम पानी वाली वैकल्पिक फसलें (जैसे मक्का, कपास, बाजरा, वाले आदि) उगाते हैं या खेत को खाली छोड़ते हैं तो उन्हें सरकार द्वारा प्रति एकड़ 8 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जाएगा.

Farmer Kisan

योजना की विशेषताएं

खरीफ सीजन 2026 के लिए मेरा पानी मेरी विरासत योजना को हरियाणा के सभी जिलों में लागू किया गया है. इसके लिए 20 मई से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है.

धान की फसल को छोड़कर पानी की कम लागत वाली वैकल्पिक फसलों जैसे मक्का, कपास, खरीफ दलहन (अरहर, मूंग, मोठ, उड़द, ग्वार, सोयाबीन), खरीफ तिलहन (तिल, अरंडी, मूंगफली), चारा फसलें, खरीफ प्याज, बागवानी/ सब्जियां, कृषि वानिकी (पॉपलर और सफेदा) लगाने वाले किसानों को 8,000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा.

वर्तमान वर्ष में जिन किसानों ने धान न लगा कर खेत खाली छोड़ा है वे भी इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित होंगे.

इसके अतिरिक्त दलहन, तिलहन और कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 2000 रुपये बोनस स्वरूप दिए जायेंगे.

खेत में हरी खाद के रुप में ढैंचा उगाने वाले किसानों को सरकार की ओर से 1 हजार रुपए प्रति एकड़ सब्सिडी दी जा रही है.

यह भी पढ़े -  हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, पशु हमले के पीड़ित परिवारों को मिलेगी आर्थिक सहायता

DSR मशीन से धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को भी सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जा रहा है.

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

इस योजना का लाभ उठाने के लिए मेरी फसल- मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है.

होमपेज पर ‘किसान पंजीकरण’ अनुभाग चुनें और खरीफ सीजन का चयन करें.

अपना जिला, ब्लॉक, गाँव, मुरब्बा नंबर और खेत से जुड़ी अन्य आवश्यक जानकारी भरें.

धान की जगह बोई जाने वाली वैकल्पिक फसल का विवरण दर्ज करें और सब्मिट करें.

कृषि विभाग द्वारा सत्यापन होने के बाद, प्रोत्साहन राशि सीधे आपके बैंक खाते में (DBT) के माध्यम से भेज दी जाएगी.

फसल विविधीकरण को मिलेगा बढ़ावा

प्रदेश सरकार की इस प्रमुख पहल का उद्देश्य अधिक जल खपत वाली धान की खेती पर निर्भरता को कम करना और भूजल संरक्षण के लिए फसल विविधता को प्रोत्साहित करना है.

Avatar of Ajay Sehrawat
Ajay Sehrawat
View all posts

मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.