चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार अब राज्य के जल और सीवरेज ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है. बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सैनी सरकार आने वाले 5 सालों तक राज्य में जल वितरण नेटवर्क, सीवरेज लाइन, ट्रीटमेंट प्लांट और मॉनिटरिंग सिस्टम को आधुनिक बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार कर रही है. इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सिर्फ पानी की सप्लाई बढ़ाना नहीं, बल्कि पूरे शहरी जल प्रबंधन सिस्टम को स्मार्ट और तकनीक आधारित बनाना है. इसमें स्मार्ट शहरों की तर्ज पर सेंसर आधारित निगरानी और डिजिटल मॉनिटरिंग को प्राथमिकता दी जाएगी.

5 हजार की आबादी पर एक वाटर ट्रीटमेंट
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का प्रमुख अधिकार है और सरकार इसके लिए निरंतर काम कर रही है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि हर 5 हजार की आबादी पर एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना तैयार की जाएं और सभी जलघरों तक नहरी पानी की आपूर्ति को सुनिश्चित किया जाए. इससे लोगों की भूजल पर निर्भरता कम होगी.
सीएम ने कहा कि भविष्य में हरियाणा को स्मार्ट शहरों के मॉडल पर विकसित किया जाएगा. इसके लिए उन्होंने गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने पर विचार किया, जहां 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएं. उन्होंने कहा कि इन शहरों के प्रत्येक घर में पानी के मीटर लगाएं जाएं ताकि जल प्रबंधन को वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित किया जा सके.
पुरानी सीवरेज लाइन की जाए मरम्मत
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गांवों, शहरों और कॉलोनियों में सीवरेज सुविधा हर तक पहुंचना जरूरी है. जहां पुरानी और जर्जर सीवरेज लाइने है, उनकी मरम्मत या नई लाइन डाली जाएं. उन्होंने निर्देश देते हुए कहा है कि यह काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि बार- बार सड़क खोदने से आम जनता को परेशानी ना हो. इसके अलावा, उन्होंने बिना अनुमति के सड़क की बार- बार खुदाई पर भी कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए है, क्योंकि जमीन के नीचे सीवरेज, पेयजल, गैस, इंटरनेट और तेल पाइपलाइन जैसी कई सेवाएं होती है. ऐसे में एक चीज ठीक करने से दूसरे विभाग की सेवाएं प्रभावित होती है, जो कि चिंता का विषय है.