चंडीगढ़, KVS Teacher Success Story | किसी ने सच कहा है कि तारीफ दिन बनाती हैं और तानी जिंदगी बना देती है. ऐसी ही एक सफलता की कहानी के बारे मे हम बात करेंगे. ये कहानी है केंद्रीय विद्यालय में टीचर बनी ममता नागर की, जिन्होंने कई बार असफलताओं का सामना करने के बावजूद हार नहीं मानी और आखिरकार सरकारी नौकरी हासिल कर अपने सपनों को पूरा किया. आइए जानते है पूरी कहानी…
ससुराल छोड़कर रही मायके
ममता नागर हरियाणा के एक साधारण परिवार से संबंधित है. उनके परिवार ने उसको पढ़ाया- लिखाया और कम उम्र में शादी कर दी. शादी के बाद ममता को पता ही नहीं चला कि कब किताबें हाथ से छूट गई, लेकिन पति के कहने पर उसने दुबारा पढ़ना शुरू किया. एक तरफ परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी व दूसरी तरफ कुछ बनने का सपना. यह सब ममता के लिए आसान नहीं था, लेकिन उसके पति ने उसका साथ नहीं छोड़ा और उसको मोटिवेट भी किया.
बार- बार असफलताओं के बाद उसको लोगों के ताने सुनने को मिलते थे, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी. सबने बोला कि पढ़ाई छोड़ दो, बच्चों और परिवार पर ध्यान दो. इसके बाद, ममता नागर ससुराल से घर आकर रहने लगी. वहां उसकी मां ने उसका सहयोग दिया, जिससे ममता की हिम्मत ओर बढ़ गई. वह लाइब्रेरी में जाकर सेल्फ स्टडी करती और उसकी मां बच्चों को संभालती.
पति ने दिया सहयोग
ममता नागर के पति हरियाणा पुलिस में कार्यरत है. उन्होंने एक जिम्मेदार ड्यूटी निभाते हुए ममता को पूरा सपोर्ट किया. ममता को एग्जाम देने के लिए कितनी भी दूर जाना पड़ता, वो खुद लेकर जाते थे. जब घर छोड़े 1 साल हो गया तो लोगों ने कहा अब बुढ़ापे में नौकरी नहीं मिलेगी, लेकिन पति ने कहा जब तक सफल न हो जाओ, घर की टेंशन मत करना. वो खुद संभाल लेंगे.
इस प्रकार लगातार परेशानी और असफलताओं से लड़ते हुए वह दिन आया, जब ममता का चयन केंद्रीय विद्यालय में PRT टीचर पद पर हो गया. वर्तमान में ममता PM श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर- 2 जयपुर में पढ़ा रही है. जिस ममता को लोग ताने देते थे, आज वही दूसरों के लिए प्रेरणा बन गई है. ममता की कहानी यह बताती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों ना हो, अगर इंसान मेहनत और धैर्य के साथ आगे बढ़ता रहे तो सफलता जरूर मिलती है.
