दिल्ली में सेफ्टी ऑडिट शुरू, नियम तोड़ने वाली इमारतों पर लटकी सीलिंग की तलवार; जवाब न देने पर होगी कार्रवाई

नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली में लगातार सामने आ रहे अग्निकांड और उनमें जान- माल के नुकसान के बाद सरकार अब सख्त कार्रवाई के मूड में नजर आ रही है. हाल ही में हुए हौजरानी अग्निकांड समेत पालम, मुंडका और अन्य बड़े हादसों से सबक लेते हुए गृह विभाग ने राजधानी में इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू कर दी है. इसी कड़ी में पश्चिमी जिला प्रशासन ने उत्तम नगर इलाके में सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया है, जिससे नियमों की अनदेखी कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले संस्थानों और भवन मालिकों में हड़कंप मच गया है.

Raod Sadak Dukan Bazar Market City Colony

गृह विभाग के निर्देश पर इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तर और उपमंडल स्तर की दो उच्च स्तरीय कमेटियों का गठन किया गया है. ये टीमें मौके पर पहुंचकर इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण कर रही हैं. उत्तम नगर क्षेत्र में किए गए निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं.

नोटिस जारी

अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश इमारतों में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक संकरा रास्ता मिला. ऐसी स्थिति में आग लगने जैसी आपदा के दौरान लोगों का सुरक्षित बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो सकता है. इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों के बैकअप सिस्टम, बिजली सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजामों में भी कई कमियां पाई गईं. प्रशासन ने इन खामियों को गंभीर मानते हुए संबंधित प्रतिष्ठानों और भवन मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए हैं. नोटिस का जवाब देने के लिए एक से दो दिन का समय दिया गया है. निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकतरफा कार्रवाई करते हुए इमारतों को सील किया जा सकता है.

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10 प्रमुख बिंदुओं पर जांच

सुरक्षा मानकों की अनदेखी आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के तहत संभावित आपदा की स्थिति पैदा करती है. ऐसे मामलों में धारा 30 और 32 के तहत तत्काल निवारक और सख्त कदम उठाना आवश्यक है. निरीक्षण के दौरान कमेटियों ने कुल 10 प्रमुख बिंदुओं पर जांच की. इनमें दिल्ली फायर सर्विस की एनओसी, अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, बेसमेंट और छत के व्यावसायिक उपयोग, कचरा निपटान, पेयजल और वेंटिलेशन व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, स्टाफ का पुलिस सत्यापन, पार्किंग व्यवस्था, बिजली सुरक्षा, ड्रेनेज सिस्टम, आपातकालीन निकास योजना, प्राथमिक उपचार किट, बैकअप लाइटिंग और मॉक ड्रिल के रिकॉर्ड जैसे पहलुओं को शामिल किया गया.

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Sanjukta Pandit
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.