गुरुग्राम | शहर के पॉश इलाके DLF फेज 1 से 5 में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ चल रही डीटीपी की तोड़फोड़ कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोग एकजुट हो गए हैं. सैकड़ों लोगों ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर विरोध मार्च निकाला और डीएलएफ फेज- 3 में महापंचायत का आयोजन किया. प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें बुलडोजर नहीं… समाधान चाहिए. साथ ही, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से हस्तक्षेप की मांग भी की गई. महापंचायत में लोगों ने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ आगे की रणनीति बनाई जा रही है.

यदि विभाग ने अपनी कार्रवाई नहीं रोकी तो स्थानीय निवासी बड़े आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं. सभा को संबोधित करते हुए स्थानीय निवासी ईश्वर यादव ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों की आड़ में डीटीपी विभाग आम लोगों के साथ ज्यादती कर रहा है. उनका आरोप है कि विभाग अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रहा है.
DLF में बुलडोजर एक्शन
विरोध मार्च के दौरान लोग डीएलएफ साइबर सिटी की ऊंची इमारतों के आसपास पहुंचे और जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बड़े बिल्डर अपने अनुसार नियम बनवा लेते हैं, जबकि घरों में पीजी, शॉप या छोटे ऑफिस चलाने वालों को अवैध बताया जा रहा है. उनका कहना है कि इन गतिविधियों से हजारों लोगों को रोजगार मिलता है और कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले युवाओं को कम खर्च में रहने की सुविधा मिलती है.
डीटीपीई की ओर से डीएलएफ क्षेत्र में सैकड़ों मकानों और पीजी परिसरों पर चेतावनी पोस्टर चिपकाए गए. कई जगह कमरों के अंदर भी नोटिस लगाए गए जिससे लोगों में रोष और बढ़ गया. इसके विरोध में जारी एक पोस्टर में डीटीपीई अधिकारी पर भी निशाना साधा गया.
निकाला विरोध मार्च
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के कार्रवाई शुरू कर दी. इससे मकान मालिकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और किरायेदारों में असुरक्षा का माहौल है. बढ़ते विरोध और युवाओं की परेशानियों को देखते हुए विभाग ने 30 जून तक का समय दिया है. डीएलएफ फेज 1 से 5 में चल रहे पीजी, गेस्ट हाउस, होटल, हॉस्टल, को- लिविंग सुविधाओं और व्यावसायिक कार्यालयों को इस अवधि में बंद करने के निर्देश दिए गए हैं. निर्धारित समय के बाद 1 जुलाई से दोबारा सीलिंग और तोड़फोड़ अभियान चलाया जाएगा.