क्यूं बारिश के बीच तिरपाल तान जलानी पड़ी चिता, जानें पूरा मामला

झज्जर । हरियाणा के जिला झज्जर से गांव तुबांहेड़ी के श्मशान घाट से हैरान करने वाली तस्वीरें देखने को मिली है. यहां भारी बारिश के बीच एक महिला का अंतिम संस्कार एक तिरपाल के नीचे किया गया है. इतना ही नहीं , बारिश रुकने के इंतजार में शव एक दिन तक घर में ही रखा रहा लेकिन जब इंतजार के बाद भी बारिश नहीं रुकी तो मजबूरी में तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार किया गया.

Dah Sanskar
गनीमत रही बड़ा हादसा नहीं हुआ

ग्रामीणों ने बताया कि वैसे तो उन्हें इस समस्या को झेलते हुए दो- चार अर्सा बीत गया है, लेकिन इस अव्यवस्था की तस्वीर हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के जरिए सामने आई है. गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, नहीं तो तिरपाल अगर आग पकड़ लेता  यह घटनाक्रम सोमवार 19 जुलाई का है. प्राप्त जानकारी अनुसार गांव की 48 वर्षीय कृपाली देवी की लंबी बीमारी की वजह से मौत हो गई. अंतिम संस्कार के लिए परिजन एक दिन बरसात रुकने का इंतजार करते रहे क्योंकि गांव के श्मशान घाट में टिनशेड नहीं होने की वजह से शव का खुले में हीं अंतिम संस्कार किया जाना था.

अगले दिन भी जब बरसात नहीं रुकी तो परिजनों ने बारिश के बीच हीं अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया. कुछ लोग चिता के उपर चारों तरफ से तिरपाल पकड़कर खड़े हुएं और फिर बड़ी मुश्किल से अंतिम संस्कार किया गया.

कुछ इस तरह हों रही है खानापूर्ति

इस मामले को लेकर जब गांव के सरपंच से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गांव के श्मशान घाट में एक जगह टिन शेड लगा हुआ है लेकिन उसे दूसरे समाज के लोग इस्तेमाल करते हैं. हालांकि इस घटनाक्रम के बाद मैंने अपने स्तर पर अधिकारियों को अवगत कराया है.
वहीं बीडीपीओ उमेद सिंह ने कहा कि गांव के श्मशान घाट में एक टिन शेड लगा हुआ है. अगर दूसरे की जरूरत है तो दूसरा टिन शेड लगवा दिया जाएगा. अब बड़ा सवाल यह है कि इस अव्यवस्था के जिम्मेदार चेहरे जो भी कहते रहे , लेकिन सच्चाई यह है कि इस घटना में बड़ा जानी नुकसान भी हो सकता था.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.