कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में अब नकल करना असंभव, खरीदा गया एक करोड़ का नकल रोकने वाला सॉफ्टवेयर

कुरुक्षेत्र | कोरोना महामारी को करीब डेढ़ साल से भी अधिक का समय हो चुका है. इस दौरान अधिकतर समय स्कूल और कॉलेज बंद रहे हालांकि विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन माध्यम के जरिए परीक्षाओं को संपन्न किया गया. घर बैठे परीक्षा देने के ऊपर नकल करने को लेकर कई तरह के सवाल भी उठे, इसी बात को ध्यान में रखते हुए अब केयू प्रशासन द्वारा नकल पर लगाम लगाने के लिए शानदार कदम उठाया गया है.

Kurukshetra University Kurukshetra

हरियाणा के कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने एक ऐसा तरीका निकाला है जिससे अब बच्चे घर बैठे दे रहे ऑनलाइन एग्जाम में भी नकल नहीं कर पाएंगे. विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा में नकल रोकने के लिए करीब एक करोड़ में सॉफ्टवेयर खरीदा है. इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से केयू प्रशासन ऑनलाइन एग्जाम के दौरान नकल करने वाले परीक्षार्थियों पर नजर रखेगा. दरअसल, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने ऑनलाइन परीक्षा के दौरान नजर रखने के लिए एक सॉफ्टवेयर कंपनी को टेंडर दिया है. इस नए हाइटेक सिस्टम के तहत विद्यार्थी परीक्षा के दौरान अगर कुछ देर भी कैमरे से दूर होगा तो सॉफ्टवेयर तुरंत इस बारे में बता देगा. सॉफ्टवेयर का प्रयोग पहले दूरवर्ती परीक्षाओं में किया जाएगा.

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गौरतलब हो कि 16 जुलाई से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की पीजी कक्षाओं की परीक्षाएं और 22 जुलाई से दूरवर्ती, प्राइवेट, एडिशनल और इंप्रूवमेंट की परीक्षाएं शुरू हो चुकी है. ये सभी परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में संपन्न की जा रही है और सभी परीक्षार्थियों पर नकल रोकने वाले हाईटेक सिस्टम द्वारा नजर बनाए जा रही है. हालांकि इस सत्र में पूरी तरह इस सॉफ्टवेयर का प्रयोग नहीं किया जा रहा है इसके विकल्प में कॉलेज प्रशासन द्वारा वेबकैम या जूम मीटिंग का सहारा लिया जा रहा है. लेकिन विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया यह कदम सराहनीय है क्योंकि इस बात का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता की महामारी कब खत्म होगी और कॉलेजों में परीक्षाओं का आयोजन पूर्व की भांति पुनः कब हो पाएगा.

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Manoj Thayat
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