Indian Air Force Day 2021: अंबाला | आज भारतीय वायु सेना अपना 89वां स्थापना दिवस मना रही है. वायु सेना के जांबाजों का राष्ट्र की सुरक्षा में अहम योगदान है और मुसीबत की घड़ी में हमेशा ही सेना के जवानों ने अपना पराक्रम दिखाते हुए देश को सुरक्षित किया है. वायु सेना दिवस के अवसर पर स्क्वाड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल की कहानी, जिन्होंने जज्बे और सूझबूझ से बालाकोट एयर स्ट्राइक में अहम भूमिका निभाई.
बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने भारत में हमला करने के लिए आ रहा पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था. इस पूरे घटनाक्रम में स्क्वाड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल की अहम भूमिका रही. घटना के समय मिंटी वायुसेना के राडार कंट्रोल स्टेशन पर तैनात थी, तनावपूर्ण स्थिति में भी उन्होंने अपनी बहादुरी व समझदारी की बदौलत बालाकोट एयर स्ट्राइक में अभिनंदन के संग एफ-16 गिराने के साथ-साथ अहम भूमिका निभाई.
भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति के दौरान जब पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने उनके एयरबेस से उड़ान भरी और पीओके के रास्ते भारतीय वायु सीमा में प्रवेश करने को आगे बढ़ने लगे. तभी मिंटी अग्रवाल ने श्रीनगर स्थित वायुसेना एयरबेस को सूचित कर दिया, जहां विंग कमांडर अभिनंदन समेत कई जांबाज भारतीय लड़ाकू विमान के साथ हाई अलर्ट पर थे. मिंटी अग्रवाल से सूचना मिलते ही अभिनंदन ने उड़ान भरी. एयर स्ट्राइक के अंतिम क्षणों में पाक सीमा को देखकर अभिनंदन को मोड़ने के आदेश दिया था लेकिन तब तक वह विमान समेत पाकिस्तान की सीमा में घुस चुके थे. सर्जिकल स्ट्राइक सफल रही. मिंटी के जज्बे को देखते हुए 2020 में उन्हें युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया.
मिंटी हरियाणा के अंबाला जिले के महेशनगर सेहैं. उन्होंने के एयरफोर्स स्कूल से 12वीं की शिक्षा हासिल की और बाद में सनातन धर्म कालेज में बीएससी मेडिकल में दाखिला लिया. वर्ष 2011 में एसएससी के माध्यम से एयरफोर्स में कमीशन हासिल किया. एयर डिफेंस कॉलेज में वह मेरिट पर आई जिस कारण उन्हें एयर फाइटर कंट्रोलर विंग में लाया गया. मिंटी के परिजन बताते हैं कि वह बचपन से ही सेना/एयरफोर्स में रुचि रखती थी.
