पंचकूला में Wi-Fi बंद और उड़े मोबाइल सिग्नल, यें बड़ी वजह आई सामने

पंचकूला । पंचकूला में उस समय अजीबो-गरीब स्थिति पैदा हो गई जब अचानक से लोगों के घरों में लगी Wi-Fi और मोबाइल फोन ने काम करना बंद कर दिया. लोगों को समझ ही नहीं आ रहा था कि ये माजरा क्या है कि मोबाइल फोन से नेटवर्क चला गया. Wi-Fi ने भी काम करना बंद कर दिया. इसके बाद लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और मोबाइल कंपनियों को कोसना शुरू कर दिया.

mobile tower

फिलहाल हरियाणा में कोरोना महामारी की वजह से पाबंदियों का दौर जारी है और ऐसे में ज्यादातर लोग घर से ही अपना काम कर रहे हैं. ऐसे में इन लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ी. दिनभर लोग अपनी समस्या को एक-दूसरे से साझा करते रहे लेकिन समाधान नहीं हुआ.

मिली जानकारी अनुसार नगर निगम ने कुछ निजी मोबाइल कंपनियों के खिलाफ एक्शन लिया है. इसी कड़ी में मंगलवार को निगम ने सेक्टर-9,11और 21 में मोबाइल टावर की ऑप्टिकल फाइबर केबल काट दी और उसके बाद उन्हें सील कर दिया. केबल कटने की सूचना मिलते ही कंपनियों में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई और निगम अधिकारियों के पास उच्चाधिकारियों और नेताओं के फोन बजना शुरू हो गए.

नगर निगम अधिकारी ने बताया कि कुछ मोबाइल फोन से टावर की लाइनें फिर से जोड़ने के लिए धमकी दी गई है. बता दें कि नगर निगम ने ये एक्शन उन निजी मोबाइल कंपनियों के खिलाफ उठाया है, जिनपर निगम की करोड़ों रुपए की राशि बकाया है. इन कंपनियों को इस बकाया राशि का भुगतान करने के लिए कई बार सूचित किया जा चुका था, जिसके बाद आज यह एक्शन लिया गया है.

यह भी पढ़े -  पंचकूला की मशहूर पंचम पूड़ी के दीवाने हुए लोग, 20 साल से बरकरार है जादू; ऑनलाइन ऑर्डर में भी जबरदस्त डिमांड

पहले बकाया राशि का भुगतान

मेयर कुलभूषण गोयल ने कहा कि इन निजी मोबाइल कंपनियों द्वारा साल 2016 के बाद निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि नगर निगम के मेयर का कार्यभार संभालने के बाद बीते एक साल में लगभग 10 करोड़ रुपये मोबाइल कंपनियों से टावर्स और लीज लाइन की फीस के रूप में रिकवर किए गए हैं. मेयर गोयल ने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी कीमत पर बकाया राशि लिए बिना केबल नहीं जोड़ी जाएगी और यह प्रकिया अब आगे भी चलती रहेगी.

मेयर कुलभूषण गोयल ने कहा कि शहर में मोबाइल टावर और लीज लाइन का लगभग 100 करोड़ रुपए बकाया है. बाकायदा प्रदेश सरकार भी हिदायत दे चुकी है कि नगर निगम अपने स्तर पर फंड्स जुटाएं. इसलिए जहां पर भी करोड़ों रुपए का भुगतान बकाया है, उसे लेने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा.

Avatar of Ajay Sehrawat
Ajay Sehrawat
View all posts

मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.