RTO गाड़ी में गैर कानूनी तरीके से लगाया गया GPS, जाने क्या है पुरा मामला ?

चंडीगढ़ । हरियाणा के चरखी दादरी से बड़ी खबर सामने आ रही है. जहां ओवरलोडिंग गिरोह द्वारा परिवहन विभाग के अधिकारी की गाड़ी में जीपीआरएस सिस्टम लगाकर उसकी लोकेशन ट्रैक किया जा रहा था. एक व्यक्ति जांच से बचने के लिए आरटीओ गाड़ी में जीपीआरएस सिस्टम लगा दिया गया. मामले का खुलासा होने के बाद आरटीओ के एमओ की शिकायत पर सदर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला किया गया.

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गैरकानूनी तरीके से लगाए गए जीपीएस सिस्टम

यह जानना भी जरूरी हो जाता है कि इस मामले में जीपीएस सिस्टम और सिम को मुख्य सुराग माना जा रहा है. यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि यह किसने किया और क्यों किया. जीपीएस सिस्टम से कनेक्ट डिवाइस पर जानकारी प्राप्त करके आईटीओ की गाड़ी की लोकेशन का पता लगाया जा सकता था. मामला सामने आने पर आरटीओ के एमओ की शिकायत पर सदर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर किया है और इसके पीछे किसका हाथ हैं पत्ता लगाया जा रहा है. इस मामले में शक के आधार पर दादरी जिले में क्रशर जोन में ओवरलोडिंग वाहनों के समहू को पहले भी कई बार पकड़ा जा चुका है. सुर कई बार इनपर कार्रवाई भी की गई है. लेकिन फिर भी वाहनों की ओवर लोडिंग निरंतर जारी है.

चालान से बचने के लिए लगाया गया जीपीएस सिस्टम

आरटीओ की गाड़ी की लोकेशन का पता लग जाने के बाद ओवरलोडिंग वाहनों को दूसरे रास्ते से निकाला जा सकता था. मामला सामने आने पर आरटीओ विभाग के एमओ इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने सदर पुलिस थाने में केस दर्ज करवाया है. ओवरलोडिंग के इस खेल में कई बड़े अधिकारियों को भी शक के आधार पर शामिल किया गया है. पहले भी अधिकारियों के खिलाफ मामला चुका है सामने. बीते साल इन्हीं शिकायतों के कारण यह मामला लंबे समय तक मुद्दा बना रहा था.

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जिले में खनन से जुड़े कार्य को बड़े स्तर पर किया जाता है. जिसका फायदा उठाकर गाड़ियों को ओवरलोड किया जाता है. राजस्थान राज्य में प्रवेश करने और बाहर आने के लिए दादरी के रास्ते होकर गुजरना पड़ता है. ऐसे में वहां वाहनों की ओवरलोडिंग देखा जाना आम बात है. ओवरलोडिंग के कारण पहले भी कई गिरोह को पकड़ा जा चुका है. व्हाट्सएप पर लोकेशन शेयर कर अवैध तरीके से वाहनों को निकाला जाता था.

Haryana E Khabar में पिछले 1 साल से कार्यरत हूँ. यहाँ पर मैं एंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स, फाइनेंस और हेल्थ से जुड़े आर्टिकल्स को कवर करती हूँ. इससे पहले मैं इंडिया न्यूज में असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत थी.