करनाल | अब हरियाणा में पराली नहीं जलेगी. जल्द ही हरियाणा और दिल्ली के बीच पराली के प्रदूषण को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी खत्म हो जाएगा. वहीं, किसानों को भी अब पराली से काफी मुनाफा मिलेगा. दरअसल, इंडियन आयल कार्पोरेशन द्वारा पराली से सेल्यूलोज निकाल कर इससे इथेनाल बनाया जाएगा. इस प्रक्रिया के लिए किसान कंपनी को पराली बेचेंगे जिससे उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी.
13 स्थानों पर पराली एकत्रित करने की मांग
पराली प्रबंधन को लेकर इंडियन आयल कार्पोरेशन द्वारा जिले में 13 स्थानों पर पराली एकत्रित करने के लिए जगहों की मांग की गई है. जिसमें मूनक, जलमाना, बांसा, सिरसी, निसिंग, घोघड़ीपुर, बम्बरेहड़ी, उपलाना, मूंड, धनौली, हथलाना, सीतामाई और अमुपुर शामिल है.
क्या है इथेनाल
बता दें कि पराली से सेल्यूलोज निकाल कर इससे इथेनाल बनाया जाता है. इथेनाल एक तरह का अल्कोहल है जिसे पेट्रोल में मिलाकर वाहनों के इंधन की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है.
किस काम आता है इथेनाल
इसका उपयोग वार्निश, पालिश, दवाओं के घोल तथा निष्कर्ष, ईथर, क्लोरोफार्म, कृत्रिम रंग, पारदर्शक साबुन, इत्र तथा फल की सुगंधों का निष्कर्ष और अन्य रासायनिक यौगिक बनाने में किया जाता है.
