पूर्व पार्षद हरीश शर्मा की मौत के बाद, वरिष्ठ पुलिस आईपीएस के खिलाफ एफआईआर दर्ज

पानीपत |  चूंकि पानीपत के पूर्व पार्षद हरीश शर्मा ने 19 नवंबर को कथित रूप से नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली थी जिसमें उन्हें बचाने निकले उनके दोस्त भी डूब गए थे, अब उनके परिवार ने पुलिस पर उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए हैं जिसमें पानीपत जिले की एसपी मनीषा चौधरी का नाम लिया गया.

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जिसके बाद उन पर एफआईआर दर्ज कराई गई. क्योंकि दिवाली की रात पुलिस पटाखा बैन करने को लेकर पेट्रोलिंग कर रही थी तभी हरीश शर्मा लोगों के बचाव में आए जिससे उनके व पुलिस के बीच बहस हुई जिसके बाद उनके समेत आठ अन्य लोगों पर आईपीसी की 11 धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई थी. सूत्रों के मुताबिक विज ने सोमवार को राज्य के पुलिस चीफ मनोज गुप्ता को बीजेपी नेता के खुदकुशी मामले में कोई एक्शन न लेने के लिए फटकारा था.

जिसके बाद डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने मनीषा चौधरी का बचाव करते हुए उनके खिलाफ दाखिल किए गए एफआईआर पर सवाल उठाए थे. जिसके बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. उनके बेटी व वर्तमान तहसील कैंप पार्षद अंजली शर्मा ने मनीषा चौधरी एवं पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पिता के साथ एक आतंकवादी की तरह पेश आया गया है एवं उन्हें फोन करके धमकी दी जा रही थी.

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जिसके दबाव के कारण उन्होंने आत्महत्या करने का फैसला लिया. चूंकि मनीषा चौधरी 2011 बैच की वरिष्ठ आईपीएस ऑफिसर हैं जो पानीपत में तैनात हैं. हालांकि अब उनका तबादला चंडीगढ़ में सीनियर एसपी( ट्रैफिक पुलिस) होना था जो यह पद संभालने वाली यह पहली महिला होती. परंतु इन विवादों में आने के कारण उनके ट्रांसफर को टाल दिया गया है. अब आगे की जांच कार्यवाही पूरी होने के बाद ही कुछ फैसला लिया जाएगा.

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Manisha Mandholi
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