रोहतक | सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के अनुयायियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है. साध्वियों से यौन शोषण, पत्रकार छत्रपति और रणजीत मर्डर केस में रोहतक की सुनारियां जेल में बंद बाबा राम रहीम की 40 दिन की पैरोल मंजूर हो गई है. पैरोल के दौरान बाबा उत्तर प्रदेश के बागपत डेरे में रहेगा. इसके अलावा राजस्थान के आश्रम में भी रह सकता है. बताया जा रहा है कि राम रहीम सिरसा मुख्यालय डेरे में आना चाहता था लेकिन प्रदेश सरकार ने मंजूरी प्रदान करने से साफ इंकार कर दिया.
सुनारियां जेल में बंद हैं बाबा
साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख राम रहीम साल 2017 से रोहतक की सुनारियां जेल में बंद हैं. इसके अलावा बाबा को पत्रकार छत्रपति और रणजीत मर्डर केस में भी सजा सुनाई जा चुकी है. इससे पहले 27 जून को राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मिली थी और वह यूपी के बागपत आश्रम में रुका था. वहीं प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं व आदमपुर उपचुनाव को देखते हुए विपक्षी दलों ने पैरोल को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है.
हरियाणा में हैं चुनावी माहौल
बता दें कि हरियाणा में आदमपुर उपचुनाव होने जा रहा है और इसके लिए 3 नवंबर को मतदान होगा. आदमपुर क्षेत्र सिरसा के नजदीक लगता है. ऐसे में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने बाबा की पैरोल मंजूर करने को लेकर हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि डेरा अनुयायियों के वोट बैंक को देखते हुए खट्टर सरकार ने जानबूझकर चुनाव के समय राम रहीम की पैरोल मंजूर की है.
वहीं, इसके अलावा हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों का शेड्यूल भी जारी हो चुका है. राम रहीम के बाहर आने को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है. राम रहीम की पैरोल की अवधि के दौरान ही डेरे की पॉलिटिकल विंग समर्थन की रणनीति बनाएगी, जिसके बारे में आगे श्रद्धालुओं को सूचित किया जाएगा.
