पलवल | जिले में नए कृषि कानून के विरोध में चल रहे धरने में महाराष्ट्र के कृषि मंत्री उनका समर्थन करने पहुँच गए. धरने में उन्होंने केंद्र सरकार का विरोध करते हुए कहा कि नए कृषि कानून में अडानी एवं अंबानी के अलावा कुछ नहीं है. यह क़ानून किसानों के हित में नहीं है और जब किसान यह बात सरकार को बताना चाहते हैं तो सरकार किसानों कि नहीं सुन रही.
इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री अपने मन की बात तो करते हैं लेकिन किसानों के मन की बात क्यों नहीं सुन रहे हैं. महाराष्ट्र के कृषि मंत्री अपने काफिले के साथ राजस्थान बॉर्डर से नूंह जिले में प्रवेश करना चाहते थे जहां उनके काफिले को रोक दिया गया. केवल 50 बाइकों के साथ उन्हें आगे जाने दिया गया इसके बाद महाराष्ट्र के कृषि मंत्री अपनी गाड़ियों को वहीँ छोड़कर बाइकों से पलवल धरना स्थल पर पहुँचे और रात में वहीँ पर रुके. इसके अलावा मंत्री जी जब महाराष्ट्र वापस जाने लगे तो उन्होंने कहा कि वो दोबारा वापस आयेंगे भरी वाहनों के काफिले के साथ.
