भिवानी | हरियाणा की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. भिवानी- महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है. अगले महीने 25 नवंबर को उनकी उम्र 70 साल हो जाएगी. मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अब सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने का समय आ चुका है.
चौधरी धर्मवीर सिंह ने कहा कि पहले जमाने में बुजुर्गो ने उम्र के पड़ाव को चार भागों में बांटा हुआ था. पहले लोग 100 साल तक जीते थे. इसलिए 25,50,75 और 100 के हिसाब से काम बांटे हुए थे. मैं अगले महीने 70 साल का हो जाउंगा. ऐसे में मेरे ऊपर भी वही नियम लागू होने चाहिए. उन्होंने कहा कि बहुत चुनाव लड़ लिए, अब आराम चाहता हूं. इसलिए अब चुनाव लड़ने से मना कर रहा हूं.
बंसीलाल की 3 पीढ़ियों को हराया
25 नवंबर 1955 को भिवानी जिले के गांव तालु में जन्मे धर्मवीर सिंह ने 1983 में पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में पहली जीत का स्वाद चखा. इसके बाद, 1985 में पंचायत समिति के चेयरमैन बने. सीधे पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी बंसीलाल के गढ़ तोशाम में विधानसभा चुनाव के लिए ताल ठोक दी थी.
1987 में हुए विधानसभा चुनाव में चौधरी धर्मवीर सिंह ने लोकदल पार्टी की ओर से इलेक्शन लड़ते हुए बंसीलाल को हार का स्वाद चखाया और तत्कालीन सरकार में परिवहन मंत्री बने. हालांकि, 1991 और 1996 के विधानसभा चुनावों में उन्हें चौधरी बंसीलाल के हाथों हार का सामना करना पड़ा.
साल 1999 में पहली बार भिवानी से लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार का सामना करना पड़ा. अगला विधानसभा चुनाव फिर तोशाम सीट से लड़ा और बंसीलाल के बेटे सुरेंद्र सिंह को हराया.
जीत की हैट्रिक
साल 2014 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी को अलविदा कहकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था. उसके बाद, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने बीजेपी की टिकट पर भिवानी- महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से जीत हासिल की. दोनों ही चुनावों में उन्होंने बंसीलाल की पोती श्रुति चौधरी को हराया. 2024 के लोकसभा चुनावों में भिवानी- महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट पर उनके सामने कांग्रेस उम्मीदवार राव दान सिंह सामने थे, लेकिन उन्होंने इस बार भी बाजी मारते हुए जीत की हैट्रिक लगाई.
