भिवानी | हरियाणा के भिवानी जिले के बड़वा गांव की होली बेहद अनोखी होती है, क्योंकि यहां एक- दो दिन नहीं बल्कि पूरे 45 दिन तक होली (Holi 2025) का त्योहार मनाया जाता है. इस दौरान हरियाणवी संस्कृति की झलक देखने को मिलती है. गांव में होली महोत्सव के तहत डफ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है, जो खास आकर्षण का केंद्र होती है.
ऐतिहासिक झंग आश्रम से होती है शुरुआत
गांव के रहने वाले डॉ. सत्यवान सौरव ने बताया कि ऐतिहासिक झंग आश्रम में सबसे बड़ी डफ मंडली बसंत पंचमी से महोत्सव की शुरुआत करती है. इसके अलावा, बाबा रामदेव मेला मंदिर में भी यह महोत्सव अनोखे अंदाज में मनाया जाता है. डफ प्रतियोगिता में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से बेहतरीन डफ टीमें भाग लेती हैं. इस त्योहार का विशेष महत्व राजपूत समुदाय के लिए होता है, जहां भाईचारे की भावना को बढ़ावा देते हुए लोग एक- दूसरे को गुलाल और रंग लगाते हैं.
गणगौर तक चलता है उत्सव
करीब डेढ़ महीने तक चलने वाले इस उत्सव के दौरान बड़वा गांव पूरी तरह रंगों और उत्साह से सराबोर रहता है. गांव के युवा लेखक डॉ. सत्यवान सौरव और प्रियंका सौरभ ने बताया कि बसंत पंचमी से राजपूत परिवार होली मनाना शुरू कर देते हैं और यह उत्सव गणगौर तक जारी रहता है. झंग आश्रम से इसकी शुरुआत होती है, जिसके बाद एक भव्य जुलूस पूरे गांव में निकलता है. विभिन्न राज्यों से आई टीमें अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन करती हैं और रातभर नृत्य चलता है. विजेता टीम को ‘जगत पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाता है.
अनोखी है यहाँ की परंपरा
फाग से एक दिन पहले गांव के लोग गुलिया और रोहसड़ा चौराहे पर एकत्रित होकर होलिका स्थापित करते हैं. इसके बाद, ग्रामीण पारंपरिक रीति- रिवाजों के साथ होली पूजा में भाग लेते हैं. शाम के समय होलिका दहन किया जाता है, जिससे यह महोत्सव अपने अंतिम चरण में पहुंचता है.
