नई दिल्ली | आज RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा की तरफ से मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी मीटिंग के जरूरी फैसलों के बारे में जानकारी दी गई. हम आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यह मीटिंग 4 जून को शुरू हुई थी. जानकारी देते हुए बताया गया कि इस साल रेपो रेट में कुल 1 परसेंट तक की कटौती की गई है. आज की इस खबर में हम आपको इसी के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले हैं.
रेपो रेट में की गई कटौती
फरवरी महीने में होने वाली मीटिंग में भी ब्याज दरों को 6.5% से घटकर 6.25% कर दिया गया था, अब एक बार फिर से ब्याज दरों में कमी करने का फैसला लिया गया है. ऐसा करके आरबीआई की तरफ से 3 मीटिंग को में रेट एक परसेंट तक कम कर दी गई है. अब आरबीआई की तरफ से रेपो रेट 5.5% निर्धारित की गई है. इसका फायदा आपको आगे आने वाले समय में मिलने वाला है. आपके लोन की ईएमआई कम होगी. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि कैश रिजर्वेशन में भी एक परसेंट तक की कटौती करके इसे 4% से घटकर 3% करने का बड़ा फैसला लिया गया है.
इस प्रकार मिलेगा फायदा
आरबीआई के इस कदम से 2.5 लाख करोड़ फाइनेंशियल सिस्टम को फायदा होने वाला है. सीआरआर वह पैसा होता है, जो बैंक को अपनी कुल जमा का एक हिस्सा रिजर्व बैंक आफ इंडिया के पास रखना होता है. इससे आरबीआई यह कंट्रोल करता है कि बाजार में कितना पैसा रहेगा. अगर यह कम होता है, तो बैंकों के पास देने के लिए ज्यादा पैसा बचता है. आरबीआई की तरफ से जिस रेट पर बैंकों को लोन दिया जाता है, उसे ही रेपो रेट कहा जाता है. रेपो रेट कम होने की वजह से बैंकों को कम ब्याज दर पर आसानी से लोन मिलने वाला है. साथ ही, बैंकों का लोन सस्ता होगा.
ऐसे में ग्राहकों को भी सीधा- सीधा लाभ मिलने वाला है. किसी भी सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का यही एक शक्तिशाली टूल है. जब महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश की जाती है. अगर आप भी बैंक से लोन लेने की प्लानिंग कर रहे है, तो अब आपको इन घटी हुई ब्याज दरों का लाभ भी मिलने वाला है. चाहे ऑटो लोन हो या हाउस लोन दोनों यूजर्स को ही इसका लाभ मिलने वाला है.
