CBSE के ओएसएम सिस्टम को लेकर छात्रों में गुस्सा, कर रहे ग्रेस मार्क्स की मांग

नई दिल्ली | केंद्रीय विद्यालय शिक्षा बोर्ड (CBSE)  की नई ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम को लेकर छात्रों में रोष बढ़ता जा रहा है. 12वीं के रिजल्ट जारी होने के बाद देश के छात्रों द्वारा मूल्यांकन में गड़बड़ी व तकनीकी खामियों का आरोप लगाया जा रहा है. अब पुनर्मूल्यांकन के तहत छात्रों ने स्कैन की गई आंसर शीट देखीं, तो नई समस्याएं देखने को मिली.

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क्या है ओएसएम

छात्रों की तरफ से दावा किया गया है कि कॉपियां धुंधली हैं, कई जवाब चेक ही नहीं हुए, स्टेप मार्किंग में गलती है और टोटल में भी गड़बड़ हुई है. अब छात्र ग्रेस मार्क्स की डिमांड कर रहे हैं. सबसे पहले अगर बात करें कि ओएसएम सिस्टम क्या है तो बोर्ड द्वारा नया सिस्टम शुरू किया गया है, इसमें फिजिकल कॉपी चेक करने की जगह आंसर शीट स्कैन की जाती है. स्टूडेंट्स की आंसर शीट ओएसएम स्क्रीन पर डिजिटली जांची जाती है.

आंसर शीट देखने में हुई परेशानी

रिजल्ट आने के बाद से ही फिजिक्स, मैथ्स, अकाउंटेंसी और इकोनॉमिक्स के छात्रों को कम नंबर और मार्किंग में गड़बड़ी की शिकायत थी. उनका कहना है कि सिस्टम में हुई गलतियों की भरपाई के लिए अतिरिक्त नंबर दिए जाएं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई छात्रों ने तो कहा कि उन्हें आंसर शीट देखने में भी परेशानी हुई. उनका आरोप है कि सीबीएसई द्वारा दिया गया लिंक या तो खुल ही नहीं रहा था या ठीक से काम नहीं कर रहा था. इस कारण से वे अपनी कॉपी देख ही नहीं पाए.

बिना जांचे छोड़े सवाल

छात्रों का यह भी आरोप है कि उनके पूरे सॉल्व किए गए सवाल कैलकुलेशन बिना जांचे ही छोड़ दिए गए. अलग अलग पेज पर दिए गए नंबर और फाइनल रिजल्ट में दिख रहे कुल अंकों में अंतर है. मैथ्स जैसे सब्जेक्ट में स्टेप मार्किंग को या तो पूर्ण रूप से इग्नोर कर दिया गया या गलत तरीके से लगाया गया है.

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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.