चंडीगढ़ | हरियाणा में बाढ़ से हालात बदतर हो चुके हैं. हालातों को देखते हुए राज्य सरकार ने कहा है कि पहली बार बाढ़ की घोषणा की है. बुधवार शाम जारी पत्र के मुताबिक, राज्य के 12 जिलों में कुल 1,354 जगहों पर बाढ़ आ गई है. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग संभाल रहे उपमुख्यमंत्री दुष्यन्त चौटाला ने कहा कि इन सभी स्थानों पर बाढ़ नियंत्रण, राहत एवं बचाव, पुनर्वास एवं क्षति मुआवजा के कार्य किये जा रहे हैं.
डिप्टी सीएम ने कही ये बातें
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश के 12 जिलों अंबाला, पंचकुला, यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, सिरसा, फतेहाबाद, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, पलवल और फरीदाबाद में बाढ़ आ गई है. इन सभी जिलों में बाढ़ प्रभावित इलाकों की सूची जारी कर दी गई है. जिला स्तर से मिली जानकारी के आधार पर राज्य सरकार ने अहम फैसला लेते हुए प्रदेश के इतिहास में पहली बार औपचारिक रूप से बाढ़ की घोषणा की है.
उन्होंने कहा कि 8 से 12 जुलाई तक हुई भारी बारिश और हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब से आए अत्यधिक बारिश के पानी के कारण राज्य में बड़े पैमाने पर कंपनियों को नुकसान हुआ है. लोक निर्माण विभाग ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम जल्द- से- जल्द शुरू कर दिया है और लगभग 150 स्थानों पर क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत पर 230 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किये जायेंगे.
बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, नहरों, नालों व अन्य विभागों के भवनों की मरम्मत भी युद्ध स्तर पर करायी जायेगी. इनके अलावा, पूरी तरह से बर्बाद हुई फसल के लिए 15 हजार रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा भी किसानों के खाते में जल्द भेजा जाएगा. साथ ही, पशुपालकों के नुकसान की भरपाई की जाएगी और जिनके घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भी नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा.
प्रगति पर है राहत कार्य
उपमुख्यमंत्री दुष्यन्त चौटाला ने कहा कि पिछले सप्ताह उन्होंने खुद बाढ़ प्रभावित पंचकुला, अंबाला, कुरूक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, पलवल और फरीदाबाद जिलों के ग्रामीण और शहरी इलाकों का दौरा किया. बाढ़ के पानी से आम लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कई लोगों के सामने आजीविका, परिवहन, खाने- पीने की समस्या उत्पन्न हो गयी है. राहत कार्य प्रगति पर है.
ये जिले हुए बाढ़ प्रभावित घोषित
बता दें कि सबसे ज्यादा बाढ़ अंबाला में 315 जगहों पर, कुरूक्षेत्र में 298 जगहों पर और यमुनानगर में 221 जगहों पर आई है. कैथल जिले में 128 जगह, फतेहाबाद 94 जगह और पंचकुला 84 जगह, करनाल 66, फरीदाबाद 54, पलवल 32, सोनीपत 25, सिरसा 23 और पानीपत में 14 स्थानों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया जा चुका है. राज्य सरकार ने पूरे अंबाला शहर, अंबाला शहर और अंबाला छावनी नगर परिषद क्षेत्र, बराड़ा नगरपालिका क्षेत्र, मोरनी क्षेत्र के सभी 14 राजस्व क्षेत्रों को बाढ़ प्रभावित घोषित कर दिया है.
