चंडीगढ़ | आज की यह खबर चंडीगढ़ में रहने वाले लोगों के लिए काफी खास होने वाली है. नगर निगम ने चंडीगढ़ में अग्नि सुरक्षा नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए जल्द ही एक नए कानून को अपनाया जाएगा. 9 मीटर से ऊंचाई वाली इमारत के लिए भी फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य किया जाएगा. जल्द ही, इसे जुड़ा हुआ प्रस्ताव सामने लाया जा सकता है.
नियमों में बड़े बदलाव
हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली इमारत को छुट दी जाती थी, परंतु अब इस बड़े नियम में बदलाव देखने को मिलने वाला है. मौजूदा समय में चंडीगढ़ में दिल्ली फायर परिवहन और फायर सेफ्टी एक्ट 1986 लागू है. नगर निगम ने पंजाब एवं हरियाणा के कानून की समीक्षा के बाद हरियाणा फायर एंड एमरजैंसी सर्विस एक्ट 2022 को चंडीगढ़ में विस्तार से लागू करने के सिफारिश भी की है.
पहली बार मिलेंगे यह अधिकार
नए प्रावधानों के तहत, न केवल ऊंची इमारत, बल्कि होटल, बिजनेस, सेंटर औद्योगिक इकाइयों, गोदाम स्थल और 200 वर्ग से अधिक फ्लोर एरिया वाले मिक्सड यूज्ड बिल्डिंग को भी NOC लेनी होगी. 16.5 मीटर तक ऊंची आवासीय इमारत को छूट मिलेगी.
जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रस्तावित कानून के तहत पहली बार फायर ऑफिसर को ऐसा अधिकार दिया जाएगा, जिसके तहत अग्निशमन कार्य में बाधा डालने या फिर खतरा पैदा करने वाले सामान को वह आसानी से जब्त कर सकेगा. अगर नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो 3 महीने तक की कैद 10 हजार रूपये तक का जुर्माना या फिर दोनों का प्रावधान भी किया जा सकता है. कुछ नियमों में उल्लंघन करने पर जुर्माना 50 हजार रुपये तक का भी हो सकता है.
