चंडीगढ़ | हरियाणा में प्राथमिक कृषि साख समितियों यानि पैक्स को अब बहुउद्देश्यीय संस्थाओं में बदला जा रहा है. इस बदलाव के पूरा होने के बाद राज्यभर के किसानों को खाद, बीज, ऋण, भंडारण, विपणन समेत तमाम सुविधाएं एक ही जगह पर मिल पाएगी.
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 44वें स्थापना दिवस पर बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने हरियाणा में सहकारी क्रांति का रोडमैप दिखाया. इस दौरान उन्होंने कहा कि हर गांव में पैक्स के संकल्प को साकार करने की दिशा में सहकारिता आंदोलन एक नए युग की तरफ बढ़ गया है.
500 सीएम- पैक्स के गठन का लक्ष्य
डॉ. शर्मा ने कहा कि सहकारी संस्थाएं अब केवल ऋण, खाद व बीज वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि जन औषधि केंद्र, गैस स्टेशन, सीएससी सेंटर समेत 25 से अधिक सेवाओं का माध्यम बन चुकी हैं. सीएम नायब सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने 500 सीएम-पैक्स के गठन का लक्ष्य रखा है.
आवश्यक सेवाएं उपलब्ध
इनमें से 161 सीएम- पैक्स पहले ही गठित की जा चुकी हैं. इन मल्टीपर्पज पैक्स के माध्यम से गांवों में छोटे वेयरहाउस, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न वितरण और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं.
पिछले चार दशकों में कृषि वित्त, सहकारी संस्थाओं के सशक्तीकरण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के निर्माण, वित्तीय समावेशन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और ग्रामीण कौशल एवं उद्यमिता विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है- निवेदिता तिवारी, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड
