चंडीगढ़ | हरियाणा दौरे पर पहुंचे BJP प्रभारी बिप्लब कुमार चंडीगढ़ में निर्दलीय विधायकों के साथ मीटिंग में शामिल हुए. करीब एक घंटे तक चली इस मीटिंग ने बीजेपी के साथ गठबंधन में शामिल जननायक जनता पार्टी के लिए खतरे की घंटी बजा दी है. निर्दलीय विधायकों ने बीजेपी प्रभारी के सामने अपने दिल की बात रखी. इस मौके पर हरियाणा विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता भी मौजूद रहे. इस मीटिंग के बाद जिस तरह के संकेत मिल रहे हैं, उससे जाहिर तौर पर आने वाले समय में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की मुश्किलें बढ़ने वाली है.
हरियाणा के निर्दलीय विधायकों ने बीजेपी प्रभारी बिप्लब कुमार देव के सामने कहा कि हम सब पूरी मजबूती के साथ भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़े हैं लेकिन वे चाहते हैं कि भविष्य में BJP-JJP का गठबंधन नहीं रहना चाहिए. इन विधायकों ने कहा कि जेजेपी के साथ गठबंधन से बीजेपी को कोई फायदा नहीं बल्कि नुकसान पहुंच रहा है. इस बैठक में गोपाल कांडा को छोड़कर अन्य निर्दलीय विधायक रणजीत चौटाला, सोमबीर सांगवान, नयनपाल रावत, धर्मपाल गोंदर, रणधीर गोलन व राकेश दौलताबाद मौजूद रहे.
JJP की वजह से उत्पन्न हो रहा है व्यवधान
बैठक के दौरान निर्दलीय विधायकों ने कहा कि सीएम मनोहर लाल की जनकल्याणकारी नीतियों से आमजन के साथ हर कोई प्रभावित हो रहा है और उनकी कार्यशैली की चौतरफा सराहना होती है लेकिन गठबंधन के नेता अपने क्रियाकलापों की वजह से इसमें व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीजेपी के कुल विधायक 40 हैं और 7 निर्दलीय विधायकों का समर्थन बीजेपी के साथ है. सरकार को बहुमत के लिए 46 का आंकड़ा चाहिए जो उनके सहयोग से पूरा हो जाता है. ऐसे में बीजेपी को जेजेपी के साथ गठबंधन बनाए रखने की कोई जरूरत नहीं है.
बिप्लब कुमार देब ने समझाई गठबंधन की मर्यादा
BJP प्रभारी बिप्लब कुमार देव ने इन निर्दलीय विधायकों के साथ तमाम पहलुओं पर चर्चा की और उन्हें गठबंधन की मर्यादा से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि उनका बिना शर्त समर्थन बीजेपी सरकार को है और वह पार्टी की रीति-नीति तथा विचारधारा वाले विधायक हैं. साथ ही यह भी कहा कि सबका लेखा-जोखा बीजेपी के पास है लेकिन यह भी सही है कि हमारे सहयोगी हमारी पार्टी के जैसे नहीं हो सकतें.
बीजेपी प्रभारी ने कहा कि सब बीजेपी जैसे नहीं हो सकतें. सब अपना-अपना काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि गठबंधन का धर्म और मर्यादा को निभाना बीजेपी की सबसे बड़ी खासियत है. उन्होंने शिवसेना, अकाली दल का उदाहरण देते हुए कहा कि जो बीजेपी को छोड़कर चला गया वह कहीं का भी नहीं रहा. फिलहाल, जिस तरह की सुगबुगाहट इस बैठक में हुई है उसने जननायक जनता पार्टी के नेताओं की सतर्कता को और बढ़ा दिया है.
