चंडीगढ़ | हरियाणा में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में हाइवे और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जा रहा है. राज्य के प्रमुख शहरों के बीच सफर आसान करने और लोगों को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए बाईपास बनाए जा रहे हैं. इन सड़क मार्गों के बनने से लंबी दूरी का सफर मात्र कुछ ही घंटों तक सिमट कर रह गया है. इसी कड़ी में हरियाणा में 3 नए हाइवे के प्रोजेक्ट्स को धरातल पर अमलीजामा पहनाने की तैयारियां शुरू हो गई है.
हरियाणा को मिली 3 नए हाइवे की सौगात
हरियाणा में 3 नए हाइवे के निर्माण को केंद्र सरकार ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है, जिनमें अंबाला से दिल्ली, डबवाली से पानीपत और हिसार से रेवाड़ी शामिल हैं. इन 3 नए नेशनल हाईवे का निर्माण भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत पूरा किया जाएगा. इस हाइवे के निर्माण से लोगों का सफर बेहद आरामदायक हो जाएगा.
GT रोड से हटेगा ट्रैफिक दबाव
अंबाला से दिल्ली के बीच बनने वाला नया नेशनल हाईवे यमुना नदी के साथ- साथ बनाया जाएगा. इस हाइवे के निर्माण से दोनों शहरों के बीच की दूरी लगभग 2 घंटे तक कम हो जायेगी. इसके निर्माण से जीटी रोड से ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलेगी. इस नए हाइवे के निर्माण से जम्मू- कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा के लोगों को दिल्ली जाने के लिए एक नए रास्ते का विकल्प मिलेगा. इस हाइवे को पंचकूला- यमुनानगर सड़क मार्ग से भी कनेक्ट किया जाएगा.
पानीपत से सिरसा के चौटाला गांव तक बनने वाला नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बीकानेर से मेरठ को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. यह एक्सप्रेसवे 14 कस्बों से होकर गुजरेगा. इस एक्सप्रेसवे को चौटाला गांव में अमृतसर- जामनगर एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा. यानि राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क नेटवर्क मजबूत करने की दिशा में यह एक्सप्रेसवे निर्णायक भूमिका अदा करेगा.
जल्द बनेगी DPR
हिसार से रेवाड़ी तक बनने वाले नए हाइवे को NH- 152D से भी जोड़ा जाएगा. इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से लोगों को बड़े स्तर पर फायदा पहुंचेगा. केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगी. रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद टेंडर जारी कर हाइवे निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा.
