हरियाणा में पेंशन की योजनाओं में किया गया बदलाव, अब ऐसे लोगों को ही मिलेगा लाभ

चंडीगढ़ | हरियाणा में पेंशन योजनाओं को लेकर बदलाव किया गया है. अब 15 साल से स्थायी निवासी लोगों को ही पेंशन का लाभ मिलेगा. क्योंकि इस मामले में अपर मुख्य सचिव की ओर से पत्र जारी किया गया है. इसके तहत केवल उन्हीं को पेंशन दी जाएगी जो राज्य में 15 साल से रह रहे हैं. जबकि पहले पांच साल तक रहने वालों के लिए ही पेंशन की सुविधा शुरू कर दी जाती थी.

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बता दें कि प्रदेश में जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा 8 प्रकार की पेंशन योजनाओं का लाभ उठाया जा रहा है. जिसमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा एवं निराश्रित महिलाओं को पेंशन, दिव्यांग पेंशन, निराश्रित बच्चों को वित्तीय सहायता, स्कूल नहीं जाने वाले विकलांग बच्चों को आर्थिक सहायता, लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता, बौना भत्ता और किन्नर भत्ता शामिल है.

अपर मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग किरणजीत कौर की ओर से एक जून को पत्र संख्या 286(4) 2022 प्रदेश के सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को जारी कर दिया गया है. जिसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में स्थाई निवासी होने की शर्त में संशोधन किया गया है. इसमें बताया गया है कि 5 साल के लिए हरियाणा राज्य का स्थायी निवासी होना जरूरी था. जिसके संबंध में सरकार द्वारा 19 मार्च को निर्णय लिया गया है कि आवेदक 15 वर्ष तक हरियाणा राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए. जिसकी कापी प्रमुख सचिव नागरिक संसाधन सूचना, महानिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, संभागायुक्त एवं उपायुक्त को भी भेजी गई है.

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दस्तावेज से संबंधित जिले में ही लगेगी पेंशन

जिस जिले के आवेदक के पास दस्तावेज हैं उसी जिले में आवेदक को पेंशन मिलेगी. जिसमें आवेदक के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड आदि दस्तावेज होने चाहिए. साथ ही जिस जिले के ये दस्तावेज होंगे उसी जिले में पेंशन का लाभ मिलेगा. ऐसा नहीं है कि दस्तावेज दूसरे जिले के हैं और दूसरे जिले में सुविधा का लाभ लिया जा सके. लेकिन डोमिसाइल 15 साल से होना चाहिए.

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