चंडीगढ़ | हरियाणा में सावन की शिवरात्रि पर गुरुवार तड़के से ही मंदिरों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं. हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटे कांवड़िए भी अलग- अलग शिवालयों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं. इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अनूठी कांवड़ और श्रद्धालुओं की अलग- अलग तरह की भक्ति देखने को मिली.

जींद के हाड़वा गांव की रहने वाली निशु देशवाल भी हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गांव पहुंची. निशु ने कांवड़ यात्रा पूरी करने के बाद अपने माता- पिता को स्नान कराया. निशु के पिता की बीमारी के कारण परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए उसे हैवी ड्राइविंग लाइसेंस लेना पड़ा.
हरियाणा में दिखे यह नजारे
इसके बाद, उसने गाड़ी और पिकअप चलाना शुरू किया. निशु ने ड्राइविंग की ट्रेनिंग के दौरान भी अपनी अलग पहचान बनाई. 90 लड़कों की ट्रेनिंग में वह अकेली लड़की थी. अब सावन शिवरात्रि पर गंगाजल लेकर पहुंची निशु की तस्वीर और कहानी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. हिसार के आदमपुर स्थित ऐतिहासिक सीसवाल धाम में भी शिवरात्रि पर अनोखा नजारा देखने को मिला. यहां जलाभिषेक करने के बाद कई कांवड़िए विशाल शिवलिंग से लिपट गए और भगवान शिव की भक्ति में डूबे नजर आए. यह मंदिर करीब 5000 साल पुराना है. हालांकि, मंदिर की इतनी प्राचीनता को लेकर कोई ऐतिहासिक प्रलेख उपलब्ध नहीं है.
गंगाजल लेकर पहुंचे समर्थक
मुख्यमंत्री नायब सैनी के कई समर्थक और फैन्स भी हरिद्वार से कांवड़ लेकर चंडीगढ़ स्थित CM हाउस पहुंचे. इनमें नूंह के तावड़ू से ब्लॉक समिति सदस्य हरपाल, बहादुरगढ़ के पार्षद जसबीर सैनी और कैथल से एक टीचर शामिल रहे. इन लोगों का कहना है कि वे हरिद्वार से मुख्यमंत्री के लिए गंगाजल लेकर आए हैं. हालांकि, उन्हें CM हाउस में एंट्री नहीं मिल सकी.
उधर, यमुनानगर में जलाभिषेक से पहले ही एक कांवड़िए की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि कांवड़िया शिविर में सोया हुआ था. साथी ने उसे जगाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठा. इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. शुरुआती जांच में कांवड़िए की मौत का कारण हार्टअटैक बताया जा रहा है.