चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने इन कैदियों को रोजाना मिलने वाली मजदूरी में 50% तक की बढ़ोतरी कर दी है. कुशल कैदी को पहले रोजाना 60 रुपए मजदूरी मिलती थी, उन्हें अब 100 रुपए मिलेंगे.
मजदूरी में बढ़ोतरी की सौगात
अर्द्ध- कुशल कैदी जिन्हें पहले रोजाना 50 रुपए मजदूरी मिलती थी उन्हें अब 90 रुपए मिलेंगे. अकुशल कैदियों को रोजाना मिलने वाली मजदूरी को 40 रुपए से बढ़ाकर 80 रुपए कर दिया गया है. सरकार ने यह भी तय किया है कि अब कैदियों को मिलने वाली मजदूरी प्रत्येक वर्ष महंगाई भत्ता (DA) के साथ स्वत: बढ़ेगी. जेल मंत्री अरविंद शर्मा ने बताया कि कैदियों की मजदूरी में बढ़ोतरी का प्रस्ताव साल 2022 से विचाराधीन था, लेकिन अब इस पर फैसला लेते हुए मजदूरी में बढ़ोतरी कर दी गई है.
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि वित्त विभाग ने इसपर अपनी सहमति प्रदान कर दी है और यह बढ़ोतरी हर साल 1 जनवरी से लागू होगी. उन्होंने बताया कि मजदूरी की गणना श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के सीपीआई इंडेक्स के आधार पर की गई है.
कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू हुए कोर्स
जेल महानिदेशक आलोक कुमार राय ने बताया कि सूबे की कई जेलों में ITI और तकनीकी शिक्षा से जुड़े कोर्स शुरू किए गए हैं ताकि कैदियों को विभिन्न हुनर सीखाकर आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल सके. इससे वे जेल से रिहाई के बाद किसी जगह पर काम कर अपने लिए सम्मानजनक आजिविका कमा सकें. उन्होंने कहा कि मजदूरी में बढ़ोतरी का कैदियों को सीधा लाभ मिलेगा. इससे उनकी जीवन परिस्थितियों में सुधार देखने को मिलेगा.
