चंडीगढ़ | देशभर में कुत्तों के काटने के मामले तेजी से बढ़ते चले जा रहे हैं. हरियाणा सरकार (Haryana Govt) ने इस मामले में कुत्ते द्वारा काटे जाने के मामले में मुआवजा राशि देने का फैसला लिया है. इसके अलावा, आवारा पशुओं गाय- भैंस आदि के हमले पर भी लोगों को मुआवजा राशि का लाभ मिलेगा. प्रदेश सरकार ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.

कितनी मिलेगी मुआवजा राशि
वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक इस प्रावधान को दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-II) में जोड़ा गया है. इस नोटिफिकेशन के मुताबिक, कुत्ते के काटने के मामले में मुआवजा राशि न्यूनतम 10 हजार रुपए प्रति दांत के हिसाब से और जहां मांस त्वचा से अलग हो गया हो, वहां न्यूनतम 20 हजार रुपये प्रति “0.2 सेमी” घाव के हिसाब से होगी.
इन परिस्थितियों में मिलेगा मुआवजा
- हमला किसी सार्वजनिक जगह पर हुआ हो और कुत्ते को हमला करने के लिए उकसाया ना गया हो.
- किसी आवारा/ पालतू कुत्ते ने काटा या हमला किया हो.
- आवारा/ पालतू कुत्ते के हमले के कारण शारीरिक चोटें आई हों.
- परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपए से कम होनी चाहिए. पीड़ित हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी फैमिली आईडी होनी चाहिए.
- योजना आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना की तारीख से लागू होगी और इस अधिसूचना के जारी होने की तिथि से पहले हुई मृत्यु/ चोट/ विकलांगता के लिए इस योजना के अंतर्गत, कोई दावा स्वीकार नहीं किया जायेगा.
पशुओं के हमले पर भी मुआवजा
- 6- 60 साल तक की आयु के सदस्य की मृत्यु या दिव्यांग होने पर 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता राशि मिलेगी.
- 6- 12 साल तक के बच्चे की मृत्यु या 100% दिव्यांग होने पर एक लाख रुपये
- 12- 18 साल की आयु पर 2 लाख रुपये
- 18- 25 साल की आयु तक 3 लाख रुपये
- 25- 45 साल की आयु पर 5 लाख रुपये
- 60 साल की आयु तक 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी.
यहां करना होगा आवेदन
लाभार्थी/ दावेदार हादसे के 90 दिनों के भीतर आर्थिक सहायता राशि के लिए योजना के ऑनलाइन पोर्टल dapsy.finhry.gov.in के जरिए आवेदन पत्र भरकर सभी आवश्यक डिटेल्स और दस्तावेज पेश कर अपना दावा पेश कर सकेगा.
गठित कमेटी करेगी फैसला
पीड़ित परिवारों के आवेदनों पर विचार करने और सहायता राशि की सिफारिश करने के लिए जिला स्तर पर उपायुक्तों की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी. इसमें पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, जिला परिवहन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी का प्रतिनिधि सहित अन्य कई विभागों के अधिकारी सदस्य होंगे. योजना तथा जिला सांख्यिकी अधिकारी सदस्य सचिव होंगे.