चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने साधारण मिट्टी के उत्खनन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरलीकृत करते हुए पंचायतों और किसानों को बड़ी राहत दी है. अब ग्राम पंचायतों को साधारण मिट्टी के उत्खनन से प्राप्त रॉयल्टी का 50% हिस्सा सीधे उनके खातों में जमा किया जाएगा, जिससे वे गांव में विकास कार्य करवा सकेंगी. साथ ही सरकार ने निर्णय लिया है कि जोहड़ या तालाबों के निर्माण के लिए निकाली गई मिट्टी के निपटान की प्रक्रिया को भी विभागीय पोर्टल पर सरल बनाया जाएगा.
परमिट फीस हुई खत्म
प्रदेश सरकार ने किसानों को भी राहत देते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. अब उन्हें मिट्टी भरत कार्य के लिए एनओसी पोर्टल से अनुमति मिल सकेगी और 200 रुपए लगने वाली परमिट फीस को भी खत्म कर दिया गया है. खास बात यह है कि अब 450 घन मीटर तक साधारण मिट्टी उत्खनन की परमिशन ऑनलाइन मिलेगी. ई- रवाना बिलिंग की भी जरूरत नहीं पड़ेगी.
ठेके पर दिए जाएंगे छोटे खनन ब्लॉक
गौरतलब है कि हरियाणा खान एवं भूविज्ञान सूचना प्रणाली पोर्टल को 13 सितंबर 2023 को लॉन्च किया गया था. इसे 25 दिसंबर 2023 से पूरे राज्य में लागू कर दिया गया था, जिससे पुराने ई-रवाना सिस्टम को हटा दिया गया है. सरकार ने खनिज दोहन के लिए छोटे खनन ब्लॉकों को भी ठेके पर देने का फैसला लिया है ताकि छोटे उद्यमी भी खनन व्यवसाय में भाग ले सकें.
लघु खनिजों के पट्टों को अब ई- नीलामी के माध्यम से आवंटित किया जा रहा है. इस नई प्रणाली से रेत और बजरी जैसी निर्माण सामग्री की कीमतों में गिरावट आई है. साथ ही, राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.
