चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में कल चंडीगढ़ में कैबिनेट मीटिंग बुलाई गई थी जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई है. इन फैसलों में अग्निवीर जवानों को डबल आरक्षण, श्रमिकों को वेतन बढ़ोतरी का तोहफा आदि शामिल हैं. बता दें कि इस बैठक में चार श्रेणियों के मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है.

मजदूरों को बड़ी सौगात
कैबिनेट मीटिंग में अकुशल मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 15,220 रुपए प्रति माह करने का फैसला लिया गया है जबकि पहले 11,257 रुपए प्रति माह थी. वहीं, अर्द्धकुशल मजदूरों को अब 12,430 रुपए की जगह 16,780 रुपए प्रति माह मजदूरी मिलेगी. कुशल मजदूरों को 13,704 रुपए प्रति माह की बजाय साढ़े 18 हजार रुपए प्रति माह न्यूनतम मजदूरी मिलेगी.
अति कुशल श्रमिकों को भी न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का तोहफा मिला है. पहले उन्हें हर महीने 14,389 रुपए महीना मिलता था लेकिन अब 19,425 रुपए प्रति माह मजदूरी मिलेगी. यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी. श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि एक्सपर्ट कमेटी ने श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी के लिए रिपोर्ट दी थी, जिसे कैबिनेट मीटिंग में मंजूरी प्रदान कर दी गई है.
रिकॉर्ड तोड बढ़ोतरी की सौगात
उन्होंने बताया कि न्यूनतम मजदूरी में 35% तक बढ़ोतरी की गई है जिसका लाभ 1 अप्रैल से मिलना शुरू हो जाएगा. नई श्रम संहिताओं के बाद हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है, जहां श्रमिकों के वेतन में रिकॉर्ड तोड बढ़ोतरी हुई है. विज ने कहा कि केंद्र सरकार व हरियाणा की सरकार मिलकर मजदूरों के हितों को प्राथमिकता देते हुए निरंतर उनकी भलाई के लिए कार्य कर रही है.